Madhya Pradesh Fog Alert: शीतलहर के बाद अब फॉग का कहर, मध्य प्रदेश में बढ़ा कोहरा, हाई अलर्ट पर 22 जिले!
Madhya Pradesh Fog Alert: मध्य प्रदेश में इस बार की सर्दी अपने तीखे तेवर दिखा रही है। पहले कड़ाके की शीतलहर ने लोगों को ठिठुराया, और अब सुबह होते ही छाने वाला सघन कोहरा (Dense Fog) जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रहा है। कई शहरों में दिन चढ़ने के बाद भी कोहरे की चादर पूरी तरह नहीं हट रही है, जिससे दृश्यता (Visibility) बेहद कम हो गई है।
शीतलहर के बाद अब घने कोहरे ने मध्य प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग ने लगभग आधे प्रदेश के लिए अलर्ट जारी किया है। सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका के बीच, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के बाद आम लोगों, वाहन चालकों और किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है।

आधे प्रदेश में कोहरे का साया: 22 जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश के करीब आधे हिस्से में कोहरे का गहरा प्रभाव देखा जा रहा है। मंगलवार को 22 जिलों के लिए कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।
- प्रभावित संभाग: ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा। इन इलाकों में दृश्यता बहुत कम होने के कारण सड़क और रेल यातायात पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
12 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट': 50 मीटर तक रह सकती है विजिबिलिटी
सबसे गंभीर स्थिति के मद्देनजर, 12 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है:
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी।
इन जिलों में सुबह के समय दृश्यता घटकर 50 मीटर तक रह सकती है। यानी, सड़क पर चलते हुए आपको सामने खड़ा व्यक्ति या वाहन भी साफ नज़र नहीं आएगा।
10 जिलों में 'येलो अलर्ट': भोपाल, जबलपुर में भी असर
कोहरे की मध्यम से घनी परत के लिए 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है:
येलो अलर्ट वाले जिले: भोपाल, विदिशा, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल और सिंगरौली।
इन क्षेत्रों में दृश्यता 1 से 2 किलोमीटर के बीच रहने का अनुमान है। इन जिलों में भी सुबह के समय ड्राइविंग में सावधानी ज़रूरी है।
तापमान में लगातार गिरावट, पचमढ़ी और राजगढ़ सबसे ठंडे
कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदेश में कई शहर ठिठुर रहे हैं:
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पहाड़ी पर्यटन स्थल पचमढ़ी और राजगढ़ प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे। स्थानीय लोगों को ठंड से बचाव के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
वाहन चालकों और किसानों के लिए अहम सलाह
वाहन चालक: सुबह और रात के समय फॉग लाइट (Fog Light) का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और वाहन की गति बेहद धीमी रखें। हाईवे पर अचानक सामने आने वाले वाहन या जानवरों से सतर्क रहें।
आम नागरिक: ठंड और कोहरे से बचाव के लिए पूरा शरीर ढककर रखें। सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
किसान: फसल की बुआई और देखभाल को लेकर कृषि विशेषज्ञों से तुरंत सलाह लें। कोहरे का असर फसलों पर पड़ सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी और ठंड, जेट स्ट्रीम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, 17 दिसंबर की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश में ठंड और अधिक बढ़ने की संभावना है।
जेट स्ट्रीम की रफ्तार 222 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है, जिससे उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी सर्द हवाओं का प्रभाव तेज हो रहा है। दिसंबर और जनवरी के दौरान प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं।
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