मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर को महानगर क्षेत्र के रूप में विकसित करने को मंजूरी दी
मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर को महानगर क्षेत्र घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य इनके विकास को तेज करना है। यह निर्णय इंदौर के ऐतिहासिक राजबड़ा महल में कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया। इस पहल को 'मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन और विकास अधिनियम 2025' द्वारा शासित किया जाएगा।

शुरुआत में दो महानगर विकास प्राधिकरण बनाए जाएँगे। पहला प्राधिकरण इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और शाजापुर जिलों के कुछ हिस्सों को शामिल करेगा। दूसरा प्राधिकरण भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और ब्यावरा के क्षेत्रों को शामिल करेगा। इन प्राधिकरणों से इन प्रमुख शहरों के आसपास एक संरचित विकास की उम्मीद है।
नेतृत्व और शासन
मुख्यमंत्री इन महानगर प्राधिकरणों के अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस निर्णय के महत्व पर प्रकाश डाला, और कहा कि यह जन कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जिसका दीर्घकालिक प्रभाव होगा। यह कैबिनेट बैठक भारत की स्वतंत्रता के बाद से राजबड़ा में आयोजित पहली बैठक थी।
राजबड़ा का ऐतिहासिक महत्व
यह बैठक होलकर वंश की प्रमुख शासक देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती समारोह के वर्ष के समापन के साथ हुई। इंदौर की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक राजबड़ा महल, इस अवसर के लिए अपने ऐतिहासिक वैभव में सजा हुआ था। लगभग 200 साल पहले बना यह महल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।
वास्तुकला विरासत
राजबड़ा की वास्तुकला फ्रेंच, मराठा और मुगल शैलियों का मिश्रण दर्शाती है। लकड़ी और पत्थर से निर्मित, यह इंदौर के दिल में स्थित है। महल का डिजाइन शहर की सांस्कृतिक पहचान का एक अभिन्न अंग है और इसके ऐतिहासिक और वास्तुकला महत्व में रुचि रखने वाले आगंतुकों को आकर्षित करता रहता है।
With inputs from PTI












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