कमलनाथ की राज्यपाल को चिट्ठी, फ्लोर टेस्ट से पहले बंधक विधायकों को 5-7 दिन घर में रहने दीजिए
कमलनाथ की राज्यपाल को चिट्ठी, बंधक विधायकों को आजादी से रहने दिया जाए
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वो फ्लोर टेस्ट नहीं टाल रहे हैं लेकिन कुछ चीजों पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा है कि जो 16 विधायक बंधक बनाकर रखे गए, पहले उनको 5-7 दिन अपने घर में आजाद माहौल में अपने घर में रहने दिया जाए ताकि वो खुद से कोई निर्णय ले सकें। कमलनाथ ने ये चिट्ठी राज्यपाल के उस खत के जवाब में लिखी है जिसमें उनको 17 मार्च को बहुमत साबित करने को कहा गया है। उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि वो बेंगलुरू में कैद कांग्रेस विधायकों को भोपाल वापस बुलाएं और अगर इसके बिना फ्लोर टेस्ट होगा तो वो असंवैधानिक होगा।
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अपनी चिट्ठी में कमलनाथ ने कहा है, राज्यपाल महोदय आपके 16 मार्च के पत्र से मैं दुखी हूं, जिसमें आपने मुझ पर मर्यादाओं का पालन नहीं करने वाला कहा है। मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। फिर भी यदि आपको ऐसा लगा है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं। मेरा राजनीतिक जीवन40 साल का है, इस दौरान मैंने हमेशा ही हमेशा मर्यादाओं का पालन किया है। पत्र में मध्य प्रदेश सीएम ने कहा है कि ऐसा लगता है आपने भाजपा से मिली सूचना के आधार पर मान लिया कि मेरी सरकार बहुमत खो चुकी है।
सदन की कार्रवाई 26 मार्च तक टलने पर जवाब देते हुए कमलनाथ ने लिखा है,आपने अपने पत्र में यह तो लिखा है कि, सदन की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित हो गई परंतु स्थगन के कारणों का जिक्र करना आपने उचित नहीं किया। जैसा कि आप जानते हैं कि हमारा पूरा देश और विश्व कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय महामारी घोषित किया है।ऐसे में इसका ध्यान रखना भी बहुत जरूरी हो जाता है।
इससे पहले राज्यपाल ने चिट्ठी में कमलनाथ को लिखा था कि मैंने 16 मार्च को विश्वास मत प्राप्त करने के लिए लिखा था। सोमवार को सत्र प्रारंभ हुआ, लेकिन विश्वास मत की कार्यवाही प्रारंभ नहीं हुई। पत्र में सुप्रीम कोर्ट के जिस निर्णय का हवाला दिया गया, वह वर्तमान परिस्थितियों पर लागू नहीं होता। यह खेद की बात है कि आपने दी गई समयावधि में बहुमत सिद्ध करने की बजाय पत्र लिखकर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने में आनाकानी की। आपने फ्लोर टेस्ट नहीं कराने के जो कारण दिए हैं, वे आधारहीन हैं। आप संवैधानिक और लोकतंत्रीय मान्यताओं का सम्मान करते हुए 17 मार्च तक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करवाएं और बहुमत सिद्ध करें। नहीं तो माना जाएगा कि आप विधानसभा में बहुमत नहीं रखते हैं। राज्यपाल के इसी खत का जवाब अब कमलनाथ ने दिया है।
बता दें कि कुछ समय से मध्य प्रदेश की राजनीति में घमासान की स्थिति है। कांग्रेस के कई विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। कुछ विधायक बेंगलुरू में हैं। कांग्रेस का आरोप है कि उन्हें भाजपा ने बंधक बना रखा है। वहीं भाजपा का कहना है कि कांग्रेस की सरकार अल्पमत में है और उसे प्लोर टेस्ट का सामना करना चाहिए।
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