शशि थरूर के साथ चुनाव में धांधली? मधुसूदन मिस्त्री ने आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, दिया करारा जवाब
शशि थरूर के मुख्य चुनाव एजेंट सलमान सोज ने चिट्ठी लिखकर कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था, जिसपर मधुसूदन मिस्त्री ने जवाब दिया है।
शशि थरूर को मधुसूदन मिस्त्री का जवाब (Madhusudan Mistry Reply To Shashi Tharoor): करीब 24 साल बाद कांग्रेस पार्टी को अपने अध्यक्ष के रूप में गैर गांधी परिवार का सदस्य मिला है। बुधवार को घोषित हुए चुनाव नतीजों में मल्लिकार्जुन खड़गे ने शशि थरूर को हराकर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए जीत हासिल की। अध्यक्ष पद के लिए डाले गए कुल 9385 वोटों में से मल्लिकार्जुन खड़गे को 7897 वोट और शशि थरूर को 1072 वोट मिले। हालांकि काउंटिंग के दौरान शशि थरूर के मुख्य चुनाव एजेंट सलमान सोज ने कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री को चिट्ठी लिखकर धांधली का आरोप लगाया। सलमान सोज के इन आरोपों पर अब मधुसूदन मिस्त्री ने जवाब दिया है।

'आप एक चेहरे से मुझसे बातें करते रहे और दूसरे चेहरे से...'
मधुसूदन मिस्त्री ने सलमान सोज के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा, 'आपने जो कुछ कहा, हमने आपके हर उस अनुरोध को स्वीकार किया, लेकिन इसके बावजूद आपने मीडिया में जाकर केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण पर साजिश रचने का आरोप लगाया। मुझे बड़े खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि आप एक चेहरे से मुझसे बातें करते रहे और कहते रहे कि हमारी तरफ से दिए गए सभी जवाबों से आप संतुष्ट हैं और दूसरे चेहरे से मीडिया में हमारे खिलाफ ये सब आरोप लगाते रहे।'

चुनाव के दौरान थरूर ने लगाए आरोप
आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे मैदान में थे। चुनाव के दौरान शशि थरूर ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के ही कुछ नेता दूसरे प्रत्याशी के लिए समर्थन मांग रहे हैं, जोकि नियमों के खिलाफ है। शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण को इसपर एक्शन लेना चाहिए। शशि थरूर का ये बयान उस वक्त आया, जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुले तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए समर्थन की बात कही।

हार के बावजूद शशिथरूर ने बनाया रिकॉर्ड
हालांकि शशि थरूर ने अध्यक्ष पद पर हार के बावजूद एक रिकॉर्ड कायम किया। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए इससे पहले साल 1997 और 2000 में हुए चुनाव के दौरान हारने वाले उम्मीदवारों की तुलना में शशि थरूर ने सबसे ज्यादा वोट हासिल किए। साल 2000 में जब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ तो सोनिया गांधी के सामने जितेंद्र प्रसाद मैदान में थे। इस चुनाव में सोनिया गांधी को 7448 और जितेंद्र प्रसाद को महज 94 वोट ही मिले। यानी सोनिया गांधी ने कुल वैध वोटों में 98.76 फीसदी और जितेद्र प्रसाद ने केवल 1.24 फीसदी वोट हासिल किए।












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