कैदी का पीएम को खत- किडनी बेचने की इजाजत दो, इलाज के लिए नहीं हैं पैसे
नई दिल्लीः एक कैदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और क्लेक्टर को पत्र खिलकर अपने मन की बात कही है। लुक्सर जेल में बंद कैदी ने अपनी किडनी बेचनी की इजाजत मांगी है। कैदी का कहना है कि उसे ब्रेन ट्यूमर है और उसके पास खुद इलाज के लिए पैसे नहीं हैं और ना ही उसके पास खुद के केस की पैरवी करने के पैसे हैं। पैसे न होने की वजह से वो अपनी किडनी बेचना चाहता है।

कैदी ने खत लिखकर लगाई गुहार
एक खत लिखकर उसने गुहार लगाई है। कैदी का कहना है कि आत्महत्या से तो बेहतर है कि वो अपनी किडनी बेचकर अपनी बेगुनाही साबित कर सके। कैदी का नाम मदन है और वो तीन साल से जेल में बंद है।

कैदी ने लिखा ये खत
कैदी मदन का आरोप है कि उसे नोएडा सेक्टर-39 पुलिस ने गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। लेकिन, वो पूरी तरह से केस में बेकसूर है। अभी केस का कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। कैदी का कहना है कि उसका परिवार गरीब है और उसके पास केस लड़ने के पैसे नहीं हैं। उसके परिवार में उसके केस की पैरवी करने वाला कोई नहीं है।

पुलिस पर लगाए हैं कई तरह के आरोप
पत्र में कैदी मदन ने आरोप लगाया है कि सेक्टर-39 पुलिस ने उसे फर्जी तरीके से फंसाया है। केस में वो पूरी तरह से निर्दोष है। कैदी ने दावा कि किया वो लगातार अपनी बेगुनाही के सबूत दिखा रहा है। लेकिन, उसकी बात पर कोई भरोसा नहीं कर रहा है। अस्पताल के बारे में कैदी ने कहा कि उसे इलाज के लिए बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।












Click it and Unblock the Notifications