Lunar Eclipse 2021: क्या सच में चंद्र ग्रहण से गर्भवती महिलाओं को होता है खतरा?
नई दिल्ली, 19 नवंबर। कार्तिक पूर्णिमा आज है, जहां एक और जहां आज सुबह से लोग गंगा घाट पर स्नान और पूजा-पाठ करते नजर आ रहे हैं वहीं दूसरी और आज के दिन साल 2021 का अंतिम और सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण भी है। वैसे तो ये एक खगोलीय घटना है लेकिन धर्म के हिसाब से ग्रहण के वक्त लोगों को कुछ बातों का खास ख्याल रखना होता है। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ग्रहण इंसान के शरीर को प्रभावित करता है इसलिए ग्रहण के दौरान बड़े बुजर्ग गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहते हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ग्रहण होने वाले शिशु के लिए अच्छा नहीं होता है।

अंतरिक्ष में कई प्रकार की ऊर्जाएं निकलती हैं
हालांकि ये केवल अंधविश्वास की बात नहीं है इसके वैज्ञानिक पहलू पर गौर फरमाएं तो पाएंगे कि ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि जिस वक्त ग्रहण लगता है उस वक्त अंतरिक्ष में कई प्रकार की ऊर्जाएं निकलती हैं, जो कि गर्भवती स्त्री और उसके होने वाले बच्चे पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं इसलिए प्रेग्रनेंट लेडी के लिए ग्रहण सही नहीं होता है।

गर्भवती महिलाएं चाकू या कैंची का भी इस्तेमाल न करें
अक्सर कहा जाता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं चाकू या कैंची का भी इस्तेमाल न करें। तो इसके पीछे भी खास कारण है दरअसल ग्रहण के दौरान ब्रह्मांड में काफी गर्मी होती है इसलिए महिलाओं को काटने या सिलने जैसे भारी कामों को बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि ऐसा करने से महिला को थकान होगी जो कि होने वाले बच्चे के लिए सही नहीं होता है इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को काम करने से रोका जाता है।

कोई स्पष्ट प्रमाण
हालांकि कुछ लोग कहते हैं कि ग्रहण के दौरान चाकू-कैंची का प्रयोग करने से होने वाले बच्चे का नाक-कान कट जाता है तो ये केवल एक धारणा मात्र है क्योंकि इसके कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है।

'ऊं' का जाप करें महिलाएं
ग्रहण के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ, ध्यान करने और 'ऊं' का जाप करने के लिए बोला जाता है क्योंकि ऐसा करने से महिला का ध्यान एक जगह केंद्रित होता है, वो सकारात्मक सोचती है और उसे निगेटिव ख्याल या क्रोध नहीं आता है और वो शांत रहती है, जो कि गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए काफी बढ़िया होता है।












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