वेंटिलेटर पर 140 दिन रहने के बाद लखनऊ की डॉक्टर ने तोड़ा दम, अप्रैल में हुई थीं कोरोना संक्रमित
नई दिल्ली, सितंबर 07। लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की 31 वर्षीय डॉक्टर शारदा सुमन का रविवार की रात हैदराबाद के KIMS में निधन हो गया। शारदा सुमन पिछले 140 दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थी। आपको बता दें कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में शारदा ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हुई थीं। उस दौरान उनके फेफड़े गंभीर रूप से खराब हो गए थे। कोरोना संक्रमण उनके फेफड़ों तक काफी अधिक मात्रा में पहुंच गया था, जिसकी वजह से उनकी हालत काफी खराब हो गई।

शारदा के फेफड़ों का होना था प्रत्यारोपण
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, शारदा सुमन के फेफड़ों का प्रत्यारोपण होना था। डॉक्टर इंतजार कर रहे थे कि कोई डोनर मिले तो शारदा की जान बचाई जा सके, लेकिन कोई डोनर नहीं मिलने की वजह से शारदा नहीं बच सकीं। शारदा के परिवार ने हैदराबाद में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। शारदा की मौत के बाद उनके परिवार में उनके पति और 5 महीने के बच्ची रह गई है।
संक्रमित होने के दौरान गर्भवती थी शारदा सुमन
लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में काम करने वाली गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर शारदा सुमन इसी साल अप्रैल में कोरोना संक्रमित हुई थी। अस्पताल में ड्यूटी के दौरान शारदा को कोरोना हुआ था। 14 अप्रैल को उन्हें अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था। जिस वक्त शारदा सुमन को कोरोना हुआ था, वो आठ महीने की गर्भवती भी थी।
सर्जरी के जरिए बच्चे का कराया था जन्म
इलाज के दौरान उनकी हालत में कोई सुधार देखने को नहीं मिला और धीरे-धीरे संक्रमण उनके फेफडों तक पहुंच गया। बच्चे की जान बचाने के लिए, डॉक्टरों ने सर्जरी के जरिए बच्चे का जन्म कराया 1 मई को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों ने तब कहा था कि शारदा सुमन को जीवित रहने के लिए फेफड़ों के प्रत्यारोपण की आवश्यकता होगी।
सीएम योगी तक पहुंचा था ये मामला
अस्पताल का बढ़ता हुआ बिल देख उनके पति डॉ अजय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई थी। सीएम ने मामले का संज्ञान लिया। विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई और फेफड़ों के प्रत्यारोपण को मंजूरी दी गई। शारदा सुमन को आगे के इलाज के लिए हैदराबाद के कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में ले जाया गया। वह एयर एम्बुलेंस में एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ईसीएमओ) पर रही।
KIMS में इलाज के बावजूद शारदा सुमन की हालत बिगड़ती गई। इस दौरान डोनर नहीं मिलने की वजह से शारदा ने दम तोड़ दिया।
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