Love Jihad: अब 'लव जिहाद' करने वालों की खैर नहीं! असम में बनने जा रहा है इतना सख्त कानून

Love Jihad Law: असम सरकार ने चुनावों के दौरान किए गए वादों के मुताबिक लव जिहाद के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को लव जिहाद के दोषियों को आजीवन कारावास देने वाला कानून बनाने की बात कही है।

असम सरकार जल्द ही एक ऐसा कानून बनाने जा रही है, जिसमें लव जिहाद के दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिए जाने का प्रावधान होगा।

himanta biswa sarma

झारखंड में बीजेपी के चुनाव सह-प्रभारी भी हैं हिमंत सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पूर्वोत्तर भारत में भाजपा के सबसे बड़े नेता हैं और वह इस वक्त झारखंड में भाजपा के चुनाव सह-प्रभारी भी हैं। इसलिए, उनका यह बयान झारखंड के लिए भी खासा मायने रखता है, जहां अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है।

हिंदू-मुसलमान के बीच जमीन खरीद-फरोख्त पर भी सख्ती
सीएम सरमा ने रविवार को गुवाहाटी में प्रदेश बीजेपी कार्य समिति की बैठक में कहा, 'असम सरकार लव जिहाद रोकने के लिए दो कानून ला रही है और लव जिहाद....अगर एक मुसलमान एक हिंदू की संपत्ति खरीदना चाहता है या एक हिंदू एक मुसलमान की संपत्ति खरीदना चाहता है, उन्हें सरकार की अनुमति लेनी होगी.....'

लव जिहाद के दोषियों को आजीवन कारवास मिलेगा- असम के मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा, 'चुनावों के दौरान हमने लव जिहाद के बारे में बात की थी। जल्द ही हम ऐसा कानून बनाएंगे, जिसमें ऐसे मामलों में आजीवन कारवास दिया जाएगा..'

उन्होंने प्रदेश में एक नई डोमिसाइल पॉलिसी लागू करने की भी बात कही है। इसके तहत असम में सिर्फ उन्हें ही सरकारी नौकरी मिलेगी, जो असम में जन्मे होंगे।

उन्होंने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच प्रॉपर्टी डील को लेकर कहा कि सरकार इस तरह की खरीद-फरोख्त तो नहीं रोक सकती है, लेकिन ऐसी डील के लिए मुख्यमंत्री की सहमति लेना अनिवार्य बना दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सरमा असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का वादा पहले ही कर चुके हैं।

झारखंड में भी बांग्लादेशी घुसपैठियों का उठा चुके हैं मुद्दा
जुलाई में हिमंत सरमा जब विधानसभा चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में झारखंड पहुंचे थे तो उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाया था और दावा किया था कि ये घुसपैठिए आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं।

बांग्लादेशी घुसपैठियों की ओर से आदिवासियों की जमीन कब्जाने का किया था दावा
उन्होंने कहा था, 'आज मैं पाकुड़ के गायबथान गांव गया था। वहां एसपीटी कानून है, इसलिए आदिवासियों की जमीन ट्रांसफर नहीं की जा सकती। दो बांग्लादेशी घुसपैठियों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है, अदालत ने आदेश दिया है कि दोनों को हटाया जाना चाहिए और आदिवासी परिवार को उनकी जमीन वापस दी जानी चाहिए, लेकिन प्रशासन ने कुछ नहीं किया।'

उन्होंने कहा, 'जब आदिवासी परिवार ने अपनी जमीन पर घर बनाने की कोशिश की तो बांग्लादेशी घुसपैठियों ने उनपर हमला कर दिया। आज भी उनकी जमीन उन्हें नहीं मिली है। झारखंड के आदिवासी मुख्यमंत्री को उनकी मदद करनी चाहिए। घुसपैठ कोई मुद्दा नहीं है, पाकुड़, साहिबगंज जैसे जगहों में यह सच्चाई है...'

'तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से जनसांख्यिकीय हमला'
तब उन्होंने झारखंड की समस्या को असम से भी जोड़ा था और कहा था, 'हमने असम, झारखंड और पश्चिम बंगाल में जनसांख्यिकीय हमला देखा है। जब भी 2021 की जनगणना की जाएगी, मुझे यकीन है कि पूर्वी भारत की जनसांख्यिकीय को लेकर इसमें हैरान कर देने वाले समाचार मिलेंगे। जनसांख्यिकीय हमला सच्चाई है और तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से हम इसे नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं।'

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