लालू के सामने जो पत्ते डोलते नहीं थे, अब फड़फड़ाने लगे - टिकट की विकट समस्या
पटना। लालू के फील्ड में होने और नहीं होने का फर्क अब शीशे की तरह साफ हो गया है। लालू की इजाजत के बिना राजद में पत्ता भी नहीं डोलता था। लालू जेल में हैं तो पत्ते फड़फड़ाने लगे हैं। अब तो आवाज भी गूंजने लगी है। लालू की हां में हां मिलेने वाले शिवानंद तिवारी ने भी मौका देख कर दिल का गुबार निकाल ही लिया। उन्होंने कहा कि वे आरा से लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन टिकट नहीं मिला। लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप ने तो एक तरह से बगावत का झंडा ही उठा लिया है। तेज प्रताप यादव ने अपने समर्थक चंद्रप्रकाश को जहानाबाद सीट से नॉमिनेशन करने के लिए कह दिया है। वे राजद के उम्मीदवार के खिलाफ चंद्रप्रकाश के लिए प्रचार करेंगे।

शिवानंद तिवारी को नहीं मिला टिकट
लालू यादव की गैरमौजूगी में शिवानंद तिवारी राजद के लिए जोरदार बैटिंग करते रहे हैं। खुद को तेजस्वी का गार्जियन बताने से भी नहीं चूकते। कुछ साल पहले राजनीति से संन्यास ले लिया था। उम्रदराज होने के बावजूद फिर राजद के लिए बल्ला उठाया। 76 साल के हो चुके हैं, लेकिन अभी तक राजनीति महत्वाकांक्षा मरी नहीं है। उनको इस बात का मलाल है कि वे आज तक लोकसभा नहीं गये। राज्यसभा, विधायक, मंत्री बने लेकिन लोकसभा की हसरत पूरी नहीं हुई। 2019 में वे आरा से लोकसभा का चुनाव लड़ने की तमन्ना पाले बैठे थे। टिकट मांगा भी, लेकिन नहीं मिला।
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राजद के अंदर सबकुछ ठीक नहीं?
शिवानंद तिवारी का ये दर्द तब छलका जब उनसे राजद नेता अली अशरफ फातिमी की बगावत के बारे में सवाल किया गया। उन्होंने कहा मुझे भी टिकट नहीं मिला लेकिन मैं फातिमी की तरह अलग गुट नहीं बनाऊंगा। मैं आरा में माले उम्मीदवार का समर्थन करूंगा। राजद से अलग नहीं हो सकता। देश के हालात इसके लिए इजाजत नहीं देते। फातिमी इस उम्र में दल से अलग हो कर कहां जाएंगे। देश के मुसलमान नरेन्द्र मोदी को हराना चाहते हैं। अगर वे ऱाजद से अलग हुए तो जीत नहीं पाएंगे। शिवानंद बोले तो राजद के पक्ष में लेकिन दर्दे दिल का इजहार भी कर बैठे। इसके पहले ये कोई जानता भी नहीं था कि शिवानंद तिवारी टिकट के लिए कतार में थे।

तेज प्रताप करेंगे राजद प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार
तेज प्रताप के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं। वे अपनी जिद को पूरी करने पर अड़े हैं। तेजस्वी ने जहानाबाद से सुरेन्द्र यादव को उम्मीदवार बना दिया। तेज प्रताप ने चंद्रप्रकाश के लिए टिकट मांगा था। बात अनसुनी किये जाने पर तेजप्रताप ने सीधी लड़ाई छेड़ दी है। उन्होंने चंद्रप्रकाश को जहानाबाद से निर्दलीय पर्चा दाखिल करने के लिए कहा है। तेज प्रताप खुद चंद्रप्रकाश के नॉमिनेशन में शामिल होंगे। उनके लिए प्रचार भी करेंगे। जहानाबाद में राजद के दबंग विधायक सुरेन्द्र यादव पार्टी टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

लालू परिवार के झगड़े में पार्टी की भद्द पिट रही
लालू परिवार के झगड़े में पार्टी की भद्द पिट रही है। जिस राजद को मजबूत माना जा रहा था अब उसमें दरारें फूटने लगी हैं। लालू ने विकट परिस्थियों को सलटाने के लिए ही 2018 में राबड़ी देवी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था। शिवानंद तिवारी और रघुवंश प्रसाद सिंह दो उपाध्यक्ष पहले से थे। लेकिन लालू यादव को अंदेशा रहा होगा कि जब कोई गंभीर समस्या आएगी तो राबड़ी देवी उसको संभाल लेंगी। उनकी बात को कोई टालेगा नहीं। लेकिन फिलवक्त राबड़ी देवी भी कुछ नहीं कर पा रही है। वे भी तेज प्रताप को मना नहीं पायी हैं। ये सच है कि लालू जैसा रूआब कोई दूसरा गांठ भी नहीं सकता।












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