नरेंद्र मोदी, राहुल और अखिलेश ने Loksabha Election में कितना पैसा किया खर्च? चुनाव आयोग ने जारी किया ब्यौरा
Loksabha Election Spending: हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव 2024 में किस राजनीतिक दल ने किस लोकसभा प्रत्याशी पर कितनी रकम खर्च की, इसका ब्यौरा चुनाव आयोग को दिया है। इन ब्यौरों में कई दिलचस्प आंकड़े सामने निकलकर आए हैं। अभी तक कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी समेत कई दलों ने खर्च का ब्यौरा साझा किया है।
चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने वायनाड और रायबरेली में राहुल गांधी के प्रचार के लिए 70-70 लाख रुपए आवंटित किए। इसके अलावा कन्नौज से सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चुनाव में 60 लाख रुपए खर्च हुए। अकाली दल ने बठिंडा से हरसिमरत बादल के चुनाव पर 60 लाख रुपये खर्च किए।

कांग्रेस का चुनावी खर्च-
कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव में करीब 300 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन आधिकारिक तौर पर पार्टी ने सिर्फ 23 उम्मीदवारों को ही पैसे दिए। कांग्रेस पार्टी की तरफ से सबसे ज्यादा 1 करोड़ 40 लाख रुपए राहुल गांधी को दिए गए। राहुल को 70 लाख रुपए वायनाड के लिए और 70 लाख रुपए रायबरेली के लिए मिले। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, अमेठी से उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा, आनंदपुर साहिब से विजय इंदर सिगला और विरुधनगर से मणिक्कम टैगोर को 70-70 लाख रुपए पार्टी फंड से मिले।
इसके अलावा कांग्रेस ने लिस्ट में शामिल अधिकांश नेताओं को 50-50 लाख रुपए दिए। इनमें दिग्विजय सिंह, अनुपूर्णा सिंह, यशस्विनी सहाय का नाम शामिल हैं> धुबरी से सांसद रकीबुल हसन को कांग्रेस ने 75 लाख रुपए पार्टी फंड से दिए। कांग्रेस में पार्टी फंड से सबसे ज्यादा रकम विक्रमादित्य सिंह को (87 लाख रुपए) दी गई। हालांकि, वे हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से बीजेपी कैंडिडेट कंगना रनौत से हार गए।
भाजपा ने किसको कितना दिया पैसा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को चुनाव प्रचार के लिए 50-50 लाख रुपये आवंटित किए। नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से चुनाव लड़ा जबकि कंगना रनौत ने मंडी से चुनाव लड़ा। भाजपा के टिकट पर अयोध्या से चुनाव लड़ने वाले लल्लू सिंह को अपने प्रचार के लिए 20 लाख रुपये मिले थे। उन्हें सपा के अवधेश प्रसाद ने हराया।
सपा ने खर्च किए इतने करोड़-
समाजवादी पार्टी ने कन्नौज सीट से चुनाव लड़ने के लिए पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को 4 किस्तों में 60 लाख रुपए दिए। वहीं मैनपुरी से चुनाव लड़ीं उनकी पत्नी डिंपल यादव को 72 लाख रुपए दिए गए। फिरोजाबाद से चुनाव लड़े रामगोपाल के बेटे अक्षय को 25 लाख, आजमगढ़ से चुनाव लड़े धर्मेंद्र को 20 लाख रुपए दिए गए। सपा ने शिवपाल के बेटे आदित्य को पार्टी फंड से कोई खर्च नहीं मिला। फैजाबाद से सांसद चुने गए अवधेश प्रसाद को सपा की तरफ से 20 लाख रुपए दिए थे। मुरादाबाद से सांसद चुनी गईं रूची वीरा को पार्टी फंड से 10 लाख रुपए दिए गए।
ममता ने अपने उम्मीदवारों पर जमकर लुटाया पैसा
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को बताया कि उसने पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव में अपने 48 उम्मीदवारों पर हर एक पर 75 लाख रुपये खर्च किए हैं। टीएमसी ने लोकसभा चुनाव में कुल 36 करोड़ रुपये खर्च किए।
आप का ब्यौरा
आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव प्रचार के लिए सिर्फ़ तीन उम्मीदवारों को पार्टी फंड से पैसे दिए। पार्टी ने पूर्वी दिल्ली से कुलदीप कुमार, नई दिल्ली से सोमनाथ भारती और गुजरात के भरूच से चैतर बसवा को पैसे दिए। चैतर बसवा को सबसे अधिक 30 लाख रुपए मिले, उसके बाद कुलदीप कुमार को 21 लाख रुपए और सोमनाथ भारती को 9 लाख रुपए मिले। पंजाब और हरियाणा में उम्मीदवारों को आप ने कोई वित्तीय सहायता नहीं दी।
एआईएमआईएम का वित्तीय खुलासा
असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी चुनाव आयोग को अपने खर्च का ब्योरा सौंपा है। ओवैसी की पार्टी ने पूरे भारत में 14 निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे, लेकिन उसने केवल हैदराबाद से चुनाव लड़ने वाले असदुद्दीन ओवैसी को ही धन मुहैया कराया। पार्टी महासचिव अहमद पाशा कादरी ने खुलासा किया कि असदुद्दीन ओवैसी को अपने प्रचार के लिए दो किस्तों में 52 लाख रुपए मिले। किसी अन्य उम्मीदवार को पार्टी फंड से वित्तीय सहायता नहीं मिली।
मायावती ने किसी को नहीं दिया पार्टी फंड
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की चुनाव आयोग को दी गई रिपोर्ट में बताया कि, पार्टी की ओर से किसी भी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए कोई फंड नहीं दिया गया। बीएसपी ने उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था।इसके अलावा मायावती की पार्टी ने मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में भी अपने उम्मीदवार उतारे, लेकिन इन राज्यों में भी पार्टी फंड से उम्मीदवारों को कोई वित्तीय मदद नहीं दी।












Click it and Unblock the Notifications