लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए हुई स्थगित, स्पीकर बोले-हंगामे से आहत हूं
नई दिल्ली, अगस्त 11: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कहा कि सदन की कार्यवाही उम्मीद के मुताबिक नहीं होने से वह आहत हैं। मीडिया को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने बताया कि सदन केवल 74 घंटे 46 मिनट तक चला और निरंतर व्यवधान के कारण महज 22 प्रतिशत उत्पादकता रही। ओबीसी विधेयक सहित कुल 20 विधेयकों को पारित किया गया, जिसे सभी दलों की सर्वसम्मति से पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि, जल्द ही लोकसभा की नियम समिति की बैठक बुलाएंगे ताकि सदन चलाने के लिये सभी दलों से बात किया जा सके।
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मीडिया से बात करते हुए ओम बिरला ने कहा कि, मैं इस तथ्य से आहत हूं कि सदन की कार्यवाही इस सत्र में अपेक्षा के अनुसार नहीं हुई। मैं हमेशा यह देखने का प्रयास करता हूं कि सदन में अधिकतम कार्य हो और जनता से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हो। लेकिन इस बार लगातार रुकावट आ रही थी। इसे हल नहीं किया जा सका। पिछले दो साल अधिक उत्पादक थे, इस दौरान कार्यवाही देर रात तक जारी रही थी और सांसदों ने कोविड के दौरान भी सक्रिय योगदान दिया था।
स्पीकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सदन में योगदान देने वाले अन्य लोगों को भी धन्यवाद दिया।सत्र के दौरान संविधान के 127वें संशोधन विधेयक सहित कुल 20 विधेयक पारित किए गए। 66 प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए। सदस्यों ने नियम 377 के अधीन 331 मामले उठाए। इस बार 21 घंटे 14 मिनट काम हुआ। 96 घंटे में से कुल 74 घंटे और 46 मिनट काम नहीं हो पाया। 20 विधेयक पारित हुए। सद में विपक्ष के सांसदों की तरफ से तख्तियों के इस्तेमाल पर लोकसभा स्पीकर ने कहा कि ये सदन की परंपरा के अनुरूप नहीं है और ऐसा नहीं होना चाहिये।
बिरला ने कहा कि मैं हमेशा सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपेक्षा करता हूं। सदन में बहस, समझौते और असहमति होती रही है लेकिन इसकी गरिमा को कभी कम नहीं किया गया। इससे पहले आज लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, जिससे तूफानी मानसून सत्र का अंत हो गया। पेगासस जासूसी विवाद, कृषि कानूनों और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के विरोध ने 19 जुलाई को सत्र की शुरुआत के बाद से लगातार कार्यवाही को प्रभावित किया था।












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