लोकसभा में हंगामे को लेकर स्पीकर ने दी सांसदों को चेतावनी, बोले- दूसरे की सीट के पास गए तो सस्पेंड कर दूंगा
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दूसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में दिल्ली हिंसा को लेकर हंगामा हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सांसदों ने नारेबाजी की। सांसदों के हंगामे से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला खासा नाराज दिखे। स्पीकर ने सांसदों को वेल में नहीं आने की चेतावनी दी, साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं तो उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।

लोकसभा स्पीकर ने कहा विपक्षी सांसदों की दिल्ली हिंसा पर तुरंत चर्चा की मांग पर कहा, 'इस पर सहमति बनी थी कि गंभीर विषय आएगा तो, प्रश्नकाल के बाद ही उस पर चर्चा होगी। कल की धक्का-मुक्की पर भी सर्वदलीय बैठक के अंदर दो बातों पर चर्चा हुई है। सदन के अंदर सत्ता या फिर प्रतिपक्ष का कोई भी सदस्य अगर एक-दूसरे की सीट पर नहीं जाएगा। जाएगा तो फिर मैं पूरे सत्र के लिए निलंबित करूंगा। सदन इसी तरह से चलेगा।'
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सदन में अनुशासन बनाने के लिए आपके नेतृत्व में निर्णय का हम तहेदिल से स्वागत करते हैं। दिल्ली हिंसा का मुद्दा शून्यकाल में उठाया जाए। उन्होंने कहा, ''हमने कल भी कहा था कि सरकार की प्राथमिकता शांति लाने और सामान्य स्थिति बहाल करने की है। लोकसभा अध्यक्ष चर्चा के लिए जो समय तय करें, सरकार उसके लिए तैयार है। हमें कोई आपत्ति नहीं है।'' इस दौरान कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस और सपा समेत अन्य विपक्षी दलों के सदस्य दिल्ली हिंसा पर तत्काल चर्चा शुरू कराने की मांग करते रहे।
सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और द्रमुक के नेता टी आर बालू ने पहले दिल्ली हिंसा पर चर्चा की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यह भी तय किया गया है कि सदन में कोई भी सदस्य प्लेकार्ड लेकर नहीं आएगा। इस पर विपक्ष के सदस्य विरोध जताने लगे। बिरला ने कहा कि अगर ऐसा है तो आप घोषणा कर दें कि संसद में प्लेकार्ड लेकर सदन चलाना चाहते हैं। क्या आप ऐसी घोषणा करेंगे? इस दौरान विपक्ष के कई सदस्यों की ओर से 'हां' सुनाई दिया। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।












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