'भ्रष्टाचार के कांग्रेस युग ने देश को निराशा में डुबोया', विपक्ष को मिर्ची चटाने वाले PM मोदी के 10 बड़े बयान
Lok Sabha Session-7 Day: लोकसभा सदन का 7वां सत्र आज (मंगलवार) बेहद शायराना और हास्यास्पद रहा। एक तरफ, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का शायराना अंदाज देखने को मिला। वहीं, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की माजिकिया टिप्पणियों से संसद में हंसी के ठहाकों की गूंज सुनाई दी। विपक्ष के नारों के बीच पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कई माननीय सदस्यों ने अपनी राय व्यक्त की। खास तौर पर पहली बार जिन्होंने संसद के नियमों का पालन करते हुए अपने विचार व्यक्त किए और सदन के वरिष्ठ सदस्य के रूप में व्यवहार किया। उन्होंने सदन की गरिमा को बढ़ाया है। देश ने दुनिया को दिखाया कि यह दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव है। आइए कट टू कट में रूबरू कराते हैं पीएम मोदी के 10 बड़े बयानों से ...

- घूंघट पर कटाक्ष करते हुए, कहा कि मैं कुछ लोगों का दर्द समझ सकता हूं, जो लगातार झूठ बोलने के बावजूद चुनाव में हार गए। भारत के लोगों ने उन्हें लगातार तीसरी बार सेवा करने का मौका दिया है। यह देश के इतिहास की बहुत महत्वपूर्ण घटना है। जनता ने हमारे 10 साल का ट्रैक रिकॉर्ड देखा है।
- 'देश ने लंबे समय तक तुष्टिकरण की राजनीति और शासन मॉडल को देखा है। हमारा सिद्धांत किसी का तुष्टिकरण नहीं करना है।'
- 'भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई में, हमें जनता का मजबूत समर्थन मिला है, जो पूरी तरह से 'भारत पहले' के सिद्धांत पर आधारित है।'
- 'मैं अपने देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हम सर्वश्रेष्ठ देने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।'
- '2014 में देश निराशा की गहराई में था, लोगों ने हमें चुना और परिवर्तन का युग शुरू हुआ।'
- 'भ्रष्टाचार का एक दौर था जब यह खुले तौर पर स्वीकार किया जाता था कि दिल्ली से भेजे गए प्रत्येक रुपए में से केवल 15 पैसे ही अपने निर्धारित स्थान तक पहुंचते थे। शेष 85 पैसे घोटालों की भेंट चढ़ जाते थे। भ्रष्टाचार के इस दौर ने हमारे देश को निराशा में डुबो दिया।'
- 'इस देश के लोगों ने 2024 के चुनावों में कांग्रेस को जनादेश दिया है, जो आपके लिए है कि आप वहां बैठें, विपक्ष में बैठें और जब बहस खत्म हो जाए, तो चिल्लाते रहें।'
- 'अनुच्छेद 370 के दौर में सेना पर पत्थर फेंके जाते थे और निराशा का माहौल रहता था। आज अनुच्छेद 370 के चले जाने के बाद पथराव बंद हो गया है, लोकतंत्र फल-फूल रहा है और लोग भारत के संविधान, ध्वज और लोकतंत्र पर भरोसा करते हुए आत्मविश्वास के साथ चुनावों में भाग लेते हैं।'
- 'विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहा है कि उन्होंने हमें हरा दिया है।'












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