लोकसभा में पास हुआ न्यूनतम मजदूरी बिल, 50 करोड़ मजदूरों को मिलेगा लाभ
नई दिल्ली। लोकसभा ने मंगलवार को न्यूनतम मजदूरी से संबंधित बिल मजदूरी संहिता 2019 को पास कर दिया है। इस बिल के पास हो जाने के बाद कामगारों को न्यूनतम मजदूरी, काम के दौरान अनुकूल माहौल मुहैया कराना और श्रमिकों के कल्याण को सुनिश्चित किया जाएगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि मजदूरों को न्यूनम वेतन और देश के 50 करोड़ कामगारों को समय पर वेतन मिलना इस बिल से सुनिश्चित होगा। यह एक ऐतिहासिक कदम है। इससे जीवन को सरल बनाने और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही व्यापार में बेहतरी आएगी।

50 करोड़ मजदूरों को होगा लाभ
इस बिल के पास हो जाने से इसका सीधा लाभ देश के 50 करोड़ मजदूरों को होगा। गंगवार ने कहा कि 2002 में इस पर श्रम संबंधी समिति ने विचार किया था और कहा था कि श्रम से संबंधित 44 कानूनो को कम किया जाए। 2014 में सत्ता में आने के बाद हमारी सरकार ने इसकी पहल की और तमाम संगठन, राज्य और उद्योगपतियों से चर्चा के बाद इस बिल को पास किया गया है। गंगवार ने कहा कि अगर मजदूर समय पर सैलरी नहीं पाता है तो उसके परिवार को काफी संकट से गुजरना पड़ता है। लेकिन यह बिल श्रमिकों को हर महीने समय पर सैलरी मुहैया कराने में मदद करेगा, साथ ही न्यूनतम मजदूरी को भी सुनिश्चित करेगा।
हर दो वर्ष में वेतन संशोधन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेत में काम करने वाले श्रमिकों का वेतन हर दो वर्ष में संशोधित होगा, जबकि जबकि अन्य क्षेत्र में हर चार वर्ष में वेतन में संशोधन किया जाएगा। लोकसभा सांसद सौगत राय ने कहा कि श्रमिकों की हालत बहुत खराब है। अगर मालिक फायदा कमा रहा है तो अब श्रमिक अपनी सैलरी को लेकर बातचीत कर सकते हैं। आईटी और कॉल सेंटर में श्रमिकों की कोई यूनियन नहीं है, जहां श्रमिकों को उनके मूलभूत अधिकार भी नहीं मिलते हैं।
2017 में पेश किया गया था बिल
बता दें कि द कोड ऑन वेज बिल को लोकसभा में अगस्त 2017 में पेश किया गया था और इसे संसद की स्टैंडिंग कमेटी के पास भेज दिया गया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट 18 दिसंबर 2018 को पेश कर दी थी। लेकिन लोकसभा भंग होने के बाद यह बिल भी भंग हो गया था। लेकिन इसे एक बार फिर से पेश किया गया और स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए इसे लोकसभा में पास कर दिया गया है।












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