लोकसभा चुनाव: क्या करें अगर नहीं आये वोटर लिस्ट में नाम?

लोकसभा चुनाव के लिए 31 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जायेगी। उसके बाद भी निर्वाचन आयोग लोगों को मतदाता बनने का अवसर प्रदान करेगी। यह जानकारी निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त विनोद जुत्सी ने बताया कि सूची प्रकाशन के बाद भी लोगों को नये मतदाता बनने के अवसर मिलेंगे। यदि अंतिम मतदाता सूची में किसी का नाम नहीं है तो वह पहली फरवरी से लोकसभा के नामांकन के अंतिम तारीख से दस दिन पहले तक फार्म 6 भरकर निर्वाचन आयोग के कार्यालय में जमा कर सकता है।
उप निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद निर्वाचन आयोग से अनुमति लिए बगैर मतदाता सूची से किसी का नाम नहीं कट सकेगा। जुत्सी ने बताया कि अक्सर यह शिकायत मिलती है कि मतदाता सूची में नाम होते हुए भी जब कोई मतदाता मतदान केंद्र पर वोट डालने जाता है तो उसे पता चलता है कि उसका नाम सूची से गायब है। इसको देखते हुए आयोग ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बगैर अनुमति के सूची से किसी मतदाता का नाम न हटाया जाए।
उप निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि चुनाव की घोषणा होते ही सूबे में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जायेगी और इस बार उसका कड़ाई से पालन कराया जायेगा। प्रत्याशियों के खर्चे और पेड न्यूज पर भी आयोग की पैनी नजर रहेगी। पेड न्यूज की जांच के लिये हर जिले में एक कमेटी भी बनाई जाएगी। बैठक के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी विचार विमर्श हुआ और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने हेतु उनसे सुझाव भी लिए गए। उप निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 31 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद उसकी प्रतियां मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों को भी दे दी जाएंगी।
उन्होंने राजनीतिक दलों के अलावा जन सामान्य लोगों का आह्वान किया है कि सूची प्रकाशित होने के बाद लोग अपना नाम सूची में अवश्य देख लें। इसके लिए वे आयोग की वेवसाइट पर जाकर अपना नाम ढूंढ़ सकते हैं अथवा अपने जिले की हेल्पलाइन पर फोन करके पता कर सकते हैं। जुत्सी ने बताया कि सूबे के हर जिले में 31 जनवरी से हेल्पलाइन की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications