लोकसभा चुनाव 2019: 95 सीटों पर मतदान जारी, जानें कुछ रोचक तथ्य

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में गुरुवार को देश भर के 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 96 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे.
दूसरे चरण में असम, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, पुद्दुचेरी, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के सीटों पर मतदान होगा.
इनमें से तमिलनाडु की 38 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. वहीं त्रिपुरा, मणिपुर और पुद्दुचेरी की एक-एक सीट पर मतदान होंगे.
तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर भी दूसरे चरण में ही मतदान होने थे, लेकिन चुनाव आयोग की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति ने इसे रद्द कर दिया.
डीएमके नेताओं के पास भारी मात्रा में नक़दी बरामद होने के बाद चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से चुनाव को रद्द करने की सिफ़ारिश की थी.
चुनाव आयोग का कहना था कि ऐसा मालूम पड़ता है कि वोटरों को प्रभावित करने के लिए पैसे का प्रयोग किया गया है.
आयोग की इस सिफ़ारिश को राष्ट्रपति ने स्वीकार कर ली. हालांकि, चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि वेल्लोर लोकसभा सीट के तहत आने वाले अंबुर और गुदियत्तम विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव के लिए पहले से तय कार्यक्रम के तहत 18 अप्रैल को मतदान होगा.
त्रिपुरा में एक सीट पर भी 18 अप्रैल को चुनाव होना था लेकिन क़ानून-व्यवस्था के कारण उसे रद्द कर दिया गया है. इस तरह दूसरे चरण में कुल 95 सीटों के लिए मतदान होगा.
सभी सीटों पर हुए मतदान की गिनती सातवें चरण के मतदान के बाद 23 मई को होगी.
इससे पहले पिछले गुरुवार को पहले चरण के तहत 18 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटों पर मतदान हुए थे.
चुनाव आयोग के अनुसार छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा था. चुनाव की पूरी प्रक्रिया 39 दिनों तक चलेगी.
हालांकि इसके बावजूद यह भारत का सबसे लंबा चुनाव नहीं है. भारत का सबसे लंबा चुनाव पहला आम चुनाव था. आज़ाद भारत का पहला आम चुनाव 25 अक्तूबर 1951 को शुरू हुआ था और 21 फ़रवरी 1952 तक चला था. मतलब क़रीब तीन महीने तक चुनाव चला था.
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दूसरे चरण में कहां-कहां होगा मतदानः
- कुल सीटें: 95
- अमसः 05 सीटें
- बिहारः 05 सीटें
- छत्तीसगढ़ः 03 सीटें
- जम्मू-कश्मीरः 02 सीटें
- कर्नाटकः14 सीटें
- महाराष्ट्रः 10 सीटें
- मणिपुरः 01 सीट
- ओडिशाः 05 सीटें
- पुद्दुचेरीः 01 सीट
- तमिलनाडुः 38 सीटें
- उत्तर प्रदेशः 08 सीटें
- पश्चिम बंगालः 03 सीटें
27 फ़ीसदी उम्मीदवार करोड़पति, वसंत कुमार सबसे अमीर
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ दूसरे चरण के 27 फ़ीसदी उम्मीदवारों की संपत्ति एक करोड़ रुपए या उससे अधिक मूल्य की है. 11 फ़ीसदी उम्मीदवारों की संपत्ति 5 करोड़ रुपए या उससे अधिक की है.
वहीं, 07 फ़ीसदी ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति दो से पांच करोड़ रुपए के बीच की बताई है. 41 फ़ीसदी ऐसे भी उम्मीदवार हैं, जिनके पास 10 लाख रुपए से कम की संपत्ति है.
दलों की बात की जाए तो कांग्रेस के 53 में से 46 उम्मीदवार करोड़पति हैं. भाजपा के 51 में से 45 उम्मीदवार, डीएमके के 24 में से 23, एआईडीएमके के 22 में से 22 और बीएसपी के 80 में से 21 उम्मीदवारों ने ख़ुद को करोड़पति घोषित किया है.
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 3.90 करोड़ रुपए हैं.
इन सभी में तमिलनाडु के कन्याकुमारी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार वसंत कुमार सबसे अमीर हैं. इन्होंने 417 करोड़ से अधिक की संपत्ति घोषित की है.
सबसे अमीर उम्मीदवारों की सूची में दूसरे नंबर पर बिहार के पूर्णिया से कांग्रेस उम्मीदवार उदय सिंह हैं. इन्होंने 341 करोड़ रुपए से ज़्यादा की संपत्ति की घोषणा की है.
वहीं सूची में तीसरा नाम डीके सुरेश का है, जो कर्नाटक के बेंगलुरू ग्रामीण से कांग्रेस उम्मीदवार हैं. इनके पास 338 करोड़ से अधिक की संपत्ति है.
दूसरे चरण के चुनावों से जुड़े कुछ रोचक तथ्यः
- एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक़ दूसरे चरण में 1644 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.
- इनमें से 209 राष्ट्रीय दलों से, 107 क्षेत्रीय दलों से, 386 ग़ैर मान्यता प्राप्त दलों और 888 उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.
- 251 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं.
- 697 उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता 5वीं से 12वीं के बीच की है. वहीं 756 उम्मीदवारों ने ख़ुद को ग्रेजुएट या उससे अधिक बताया है.
- 35 उम्मीदवार ने साक्षर और 26 उम्मीदवार ने ख़ुद को अनपढ़ बताया है.
- दूसरे चरण में महज़ 8 फ़ीसदी महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनकी कुल संख्या 120 है.
वो उम्मीदवार जिन पर रहेगी नज़र
दूसरे चरण में कई सीटों पर पार्टियों के वीआईपी उम्मीदवारों की परीक्षा होगी. इनमें से मथुरा सीट पर सभी की नज़र रहेगी. यहां से भाजपा उम्मीदवार और अभिनेत्री हेमा मालिनी चुनावी मैदान में हैं.
वो यहां से सांसद हैं और दूसरी बार चुनाव लड़ रही हैं. उनके ख़िलाफ़ आरएलडी के कुंवर नरेंद्र सिंह और कांग्रेस के महेश पाठक चुनाव लड़ रहे हैं.
वहीं बिहार में दूसरे चरण में जिन पांच सीटों पर मतदान होंगे, उनमें कटिहार सीट पर नज़र रहेगी. यहां से कांग्रेस सांसद तारिक़ अनवर मैदान में हैं.
बिहार के किशनगंज सीट पर भी सबकी निगाहें टिकी हैं. लगभग 67 फ़ीसदी मुस्लिम मतदाता वाली ये सीट कांग्रेस का गढ़ रही है लेकिन पहली बार असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के उम्मीदवार से कांग्रेस को कड़ी टक्कर मिल रही है.
अगर ओवैसी की पार्टी ये सीट जीत जाती है तो हैदराबाद के बाहर लोकसभा में ये उनकी पहली जीत होगी.
तमिलनाडु के शिवगंगा से पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिंदबरम अपनी क़िस्मत आज़मा रहे हैं. इस सीट से पी चिदंबरम सात बार सांसद रह चुके हैं. पिछले आम चुनाव में कार्ति यहां से चुनाव हार गए थे.
श्रीनगर सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फ़ारूक़ अब्दुल्लाह चुनाव लड़ रहे हैं.
दूसरे चरण में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के भाग्य का भी फ़ैसला होगा. वो फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़ रहे हैं.












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