अमित शाह के प्रदर्शन को लेकर सामने आया बड़ा सर्वे, ग्राफ में बड़ी गिरावट
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की लोकप्रियता को लेकर सामने आए सर्वे के नतीजे पीएम नरेंद्र मोदी और खुद अमित शाह के लिए परेशानी बढ़ाने वाले हैं।
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नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) को लेकर देश की सियासी सरगर्मियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। 'दिल्ली की कुर्सी' के लिए जहां अलग-अलग राज्यों में क्षेत्रीय दलों के बीच गठबंधन के गणित बिठाए जा रहे हैं तो वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) भी एनडीए को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इन तमाम कवायदों के बीच भाजपा (BJP) के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह की पार्टी अध्यक्ष के तौर पर देश में लोकप्रियता को लेकर एक बड़ा सर्वे सामने आया है। इस सर्वे के नतीजे भारतीय जनता पार्टी, पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और खुद अमित शाह के लिए परेशानी बढ़ाने वाले हैं। सर्वे के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है।

क्या कहते हैं सर्वे के नतीजे?
इंडिया टुडे के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे (Mood of the Nation Poll) के मुताबिक, जनवरी 2019 में 34 फीसदी लोगों ने माना है कि भाजपा अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह का प्रदर्शन 'अच्छा' या 'बहुत अच्छा' रहा है। अगस्त 2018 में किए गए सर्वे को देखें तो उस समय करीब 50 फीसदी लोगों ने अमित शाह के काम को सराहा था। सर्वे में दूसरे 34 फीसदी लोगों का कहना है कि अमित शाह का प्रदर्शन 'औसत' रहा है। वहीं, 27 फीसदी लोगों की राय है कि भाजपा अध्यक्ष के तौर पर उनका प्रदर्शन 'खराब' या 'बहुत खराब' रहा। अगस्त 2018 में अमित शाह के प्रदर्शन को खराब कहने वालों का आंकड़ा महज 16 फीसदी था। सर्वे में एक और चौंकाने वाला आंकड़ा भी निकलकर सामने आया है। करीब 22 फीसदी लोगों का मानना है कि अमित शाह भाजपा या संघ परिवार के वो व्यक्ति हैं, जो प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी का विकल्प हो सकते हैं।

3-0 से मिली हार के बाद बदली धारणा
दरअसल, किसी पार्टी को आगे ले जाने में किसी नेता का कितना भी बड़ा योगदान क्यों ना हो, लेकिन उसके नेतृत्व में मिली पार्टी की जीत या हार, लोगों के मन में उसकी छवि बनाने में काफी अहम भूमिका निभाती है। हाल ही में तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में 3-0 से भाजपा को मिली हार के बाद लोगों के मन में भगवा पार्टी के विजयी नेता के तौर पर अमित शाह की छवि बदली है। इन तीनों ही राज्यों में कांग्रेस ने भाजपा को सत्ता से बेदखल कर अपनी सरकार बनाई है। हालांकि अमित शाह की लोकप्रियता में गिरावट चिंताजनक नहीं है, क्योंकि लोगों को अभी भी लगता है कि उन्होंने पूरी तरह से अच्छा प्रदर्शन किया है। सर्वे के नतीजों को देखें तो जाहिर है कि आने वाले दिन अमित शाह के लिए चुनौतियों से भरे हैं।

सर्वे में एनडीए को 237 सीटों का अनुमान
आपको बता दें कि हाल ही में इंडिया टुडे के सर्वे में केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कई बड़ी बातें सामने आई हैं। सर्वे के मुताबिक 46 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार को नौकरियां पैदा करने के मामले में असफल माना है। वहीं महंगाई काबू करने और नोटबंदी को लेकर भी सर्वे में शामिल लोगों ने सरकार को बहुत सफल नहीं कहा है। उत्तर भारत क्षेत्र के 14 फीसदी और दक्षिण भारत के 16 फीसदी लोगों का मानना है कि नोटबंदी एक असफल कोशिश थी। सर्वे के नतीजों के मुताबिक, 2019 के लोकसभा चुनाव में कोई गठबंधन बहुमत तक नहीं पहुंच पाएगा। एनडीए को 237 सीटें और यूपीए को 166 मिलने का अनुमान लगाया गया है। अन्य दलों को 140 सीटें मिलने का अनुमान है। इन आंकड़ों को देखें तो सरकार के गठन में क्षेत्रीय दलों की भूमिका काफी अहम रह सकती है।












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