चुनाव यात्रा: दोनों सीटों से जीते राहुल गांधी तो प्रियंका लड़ेंगी अमेठी से उपचुनाव?
अमेठी। राहुल गांधी अमेठी और वायनाड दोनों सीटों से जीते तो किस सीट को छोड़ेगे? ये सवाल जब मैंने कांग्रेस प्रवक्ता से किया तो उनका जवाब था कि फिलहाल अमेठी और वायनाड के कार्यकर्ताओं में ये प्रतियोगिता है कि राहुल को सबसे ज्यादा मार्जिन से जीत कौन दिला पाएगा. कांग्रेस की गढ़ रही अमेठी, जहां से राहुल गांधी ने बुधवार को चौथी बार नामांकन दाखिल किया, में ये सवाल स्थानीय नेताओं से सभी पत्रकार पूछ रहे हैं, मगर उनके औपचारिक जवाब ऐसा ही गोलमोल है. हालांकि रायबरेली और अमेठी के जिलास्तर के नेताओं में ये चर्चा है कि कांग्रेस अध्यक्ष अगर अमेठी और वायनाड दोनों सीटें से जीतते हैं तो वो अमेठी सीट छोड़ सकते हैं और प्रियंका गांधी यहां से उपचुनाव लड़ सकती हैं.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बार केरल की वायनाड सीट से भी नामांकन दाखिल किया है. कांग्रेस नेताओं का मानना है कि राहुल दोनों ही सीटों से जीत हासिल करेंगे और अमेठी में रिकॉर्ड अंतर से जीत सकते हैं. राहुल गांधी कांग्रेस परिवार के ऐसे तीसरे सदस्य हैं, जो दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं. उनसे पहले उनकी दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी दो सीटों से चुनाव लड़ चुकी हैं. 1980 में इंदिरा गांधी ने रायबरेली और मेडक दो सीटों से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने मेडक सीट अपने पास रखी थी और रायबरेली से इस्तीफा दे दिया था. 1999 में सोनिया गांधी ने अमेठी और बेल्लारी सीटों से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने बेल्लारी से इस्तीफा दे दिया था.
माना जा रहा है कि राहुल अगर दोनों सीटों से चुनाव जीतते हैं तो वो इंदिरा गांधी की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे, अमेठी से इस्तीफा देंगे और वायनाड अपने पास रख सकते हैं. अमेठी गांधी परिवार का गढ़ है तो बहुत अधिक संभावना है कि प्रियंका को लोकसभा अमेठी से ही भेजा जाए. उल्लेखनीय है कि प्रियंका ने इन्हीं चुनावों से औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया है और कांग्रेस ने उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी बनाया है.












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