Lok Sabha Election: EVM पर 2024 में कितना खर्च करेगी सरकार? यहां जानें पूरा चिट्ठा
लोकसभा चुनाव अब कुछ ही महीने दूर हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। दूसरी तरफ, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लोकसभा में 2023-24 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांग का पहला पर्चा पेश कर दिया है। जिसमें अतिरिक्त रु. चुनाव संबंधी खर्च के लिए 3,147.92 करोड़ रुपए और चुनाव आयोग (ईसी) के प्रशासन के लिए 73.67 करोड़ रुपए बताया गया है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो, साल दर साल चुनाव आयोग का बढ़ रहा बजट है। खासकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें खरीदने में, क्योंकि अधिक से अधिक मतदाताओं, उम्मीदवार, पार्टियों के साथ आम चुनावों का पैमाना बढ़ता जा रहा है। आइए जानते हैं पूरा खर्चां का चिट्ठा...

लोकसभा चुनाव में कितना खर्च होता है?
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1951 में 10.5 करोड़ रुपये से 2014 में 3,870.3 करोड़ रुपये तक, लोकसभा चुनाव के आयोजन की लागत में भारी वृद्धि हुई है। इस बीच, भारत के मतदाता 1952 में 17.32 करोड़ से पांच गुना से अधिक बढ़कर 2019 में 91.2 करोड़ पात्र मतदाता हो गए हैं। अकेले मतदाताओं के आकार के आधार पर, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। 1957 के आम चुनावों को छोड़कर, हर बार के चुनाव में लागत बढ़ी है। 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों के बीच, लागत 1,114.4 करोड़ रुपये से तीन गुना बढ़कर 3,870.3 करोड़ रुपये हो गई।
611.27 करोड़ से ईवीएम खरीद
2004 से आम चुनावों में प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम का उपयोग किया जा रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद से, ईवीएम की खरीद और रखरखाव पर खर्च लगातार बढ़ गया है। खासकर 2023-24 के बजट में इस वृद्धि की स्पीड देखने को मिली है। चुनाव के बाद पहले बजट में केंद्र ने ईवीएम के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए। वहीं, सीतारमण ने सदन के चल रहे शीतकालीन सत्र में अनुदान के लिए 611.27 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग रखी है।
340 करोड़ रुपये ईसी के प्रशासन की लागत
चुनाव आयोग का बजट भी साल दर साल बढ़ता गया है। 2019 के आम चुनाव से एक साल पहले 236.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 के बजट में 340 करोड़ रुपये हो गया है। शीतकालीन सत्र में, सीतारमण ने एजेंसी के लिए 73.7 करोड़ रुपये की अनुदान की अनुपूरक मांग पेश की। इस बजट के पीछे आगामी संसदीय चुनावों की तैयारी है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, ईसी स्टाफ 2022 में 591 कर्मियों से बढ़कर 2024 में 855 हो जाने का अनुमान है।












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