2024 Election: इस रणनीति से बीजेपी जीतना चाहती है 400 सीटें? 50% वोट शेयर का भी है लक्ष्य
Lok Sabha Election 2024 Latest News: मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत के बाद बीजेपी उत्साह से भरी हुई है। पार्टी इस बार 400 सीटों से ज्यादा जीतने और करीब 50 फीसदी वोट शेयर का लक्ष्य लेकर चल रही है।
इस लक्ष्य को पाने के लिए बीजेपी इस बार नई रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतर सकती है, जिसमें पिछली बार से कहीं ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना भी शामिल है।

इस महीने के आखिर में जारी हो सकती है बीजेपी की पहली लिस्ट
लक्ष्य बड़ा है, लेकिन उसे पूरा करने के लिए पार्टी पूरे पेशेवर तरीके से योजना बनाकर अंजाम तक पहुंचना चाहती है। यह जानकारियां पहले से ही मौजूद हैं कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में मिली सफलता के बाद बीजेपी इस बार चुनाव तारीखों से पहले कुछ लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर सकती है। संभत: जनवरी के आखिर में ही पार्टी की पहली लिस्ट जारी हो सकती है।
पहली ही लिस्ट में कुछ बड़े दिग्गजों के नाम होने की संभावना
माना जा रहा है कि बीजेपी की पहली ही लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम शामिल हो सकता है। इनके अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जैसे पार्टी के दिग्गज नेताओं को भी इसी में जगह दी जा सकती है।
'कमजोर' सीटों के लिए पहले हो सकती है घोषणा
इसके बाद पार्टी पहले उन 164 सीटों के लिए नाम जारी कर सकती है, जिसे वह 'कमजोर' मानती है। 'कमजोर' इसलिए कि वहां या तो पार्टी नहीं जीत पाती है या फिर बहुत कम अंतर से उसे जीत मिली है। भाजपा ने ऐसी सीटों पर लंबे वक्त से बहुत काम किया है।
'कमजोर' सीटों में हारने वाली सीटें शामिल
2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 543 सीटों में से 436 पर लड़ी थी और 303 जीती थी। लेकिन, 133 सीटें ऐसी थी, जहां उसे हार का सामना करना पड़ा था। इनके अलावा अन्य 31 सीटों को भी पार्टी 'कमजोर' मानती है, जहां खुद अमित शाह से लेकर अन्य मंत्रियों और बड़े नेताओं ने इस बार बहुत मेहनत कर रखी है।
पूर्व सहयोगियों की सीटों पर लड़ सकती है बीजेपी
पार्टी इस बार ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना पर काम कर रही है तो उसमें ज्यादातर वे सीटें शामिल मानी जा रही हैं, जिसपर पिछली बार एनडीए में उसकी सहयोगियों ने ताल ठोका था, लेकिन अब वह गठबंधन में नहीं रह गए हैं।
इनमें बिहार में जेडीयू, महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी), तमिलनाडु में एआईएडीएमके, पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और राजस्थान में आरएलपी शामिल हैं।
यूपी में 'हारी' हुई सीटों पर और ज्यादा फोकस
उत्तर प्रदेश में बीजेपी उन 16 सीटों को 'कमजोर' मानकर चल रही है, जहां 2019 में उसे असफलता हाथ लगी थी। इनमें से 10 बीएसपी, 5 समाजवादी पार्टी और 1 कांग्रेस जीती थी। हालांकि बाद में हुए उपचुनाव में भाजपा आजमगढ़ और रामपुर में जीत गई थी।
इनके अलावा रायबरेली, बिजनौर, सहारनपुर, मैनपुरी, संभल, मुरादाबाद, गाजीपुर, नगीना, जौनपुर, अंबेडकर नगर, अमरोहा, श्रावस्ती, लालगंज और घोसी में भी भारतीय जनता पार्टी जल्द ही उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकती है, ताकि प्रत्याशियों को प्रचार के लिए ज्यादा समय मिले।
इनमें से कई सीटों पर समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है और रायबरेली कांग्रेस के गांधी-नेहरू परिवार की गढ़ मानी जाती है। लेकिन, बीजेपी ने इस बार यहां भी विपक्ष का किला भेदने की रणनीति पर काम की है।
इसी तरह बिहार में किशनगंज, नवादा, कटिहार, मुंगेर, गया और सुपौल में बीजेपी पहले ही उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। इनपर पिछली बार जेडीयू लड़ी थी, लेकिन किशनगंज में कांग्रेस को जीत मिली थी।
वहीं बीजेपी इस बार मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट जीतने के लिए भी खास रणनीति के तहत चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी की है। यह सीट कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व सीएम कमलनाथ का गढ़ रहा है। पिछली बार एमपी की एकमात्र यही सीट थी, जहां बीजेपी का 'कमल' नहीं खिला था।
केरल में भी 'कमल' खिलाने की पूरी तैयारी
केरल में अबतक भाजपा का 'कमल' नहीं खिला सकी है। पार्टी को इस बार राज्य से बड़ी उम्मीदें हैं। वह कुछ सीटों पर खास फोकस कर रही है। इन सीटों में त्रिशूर, तिरुवनंतपुरम, और पथानामथिट्टा जैसे लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं। यहां पार्टी जल्द ही उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर सकती है।
इसी तरह महाराष्ट्र में बीजेपी इस महीने के अंत तक या फरवरी की शुरुआत में जहां उम्मीदवार घोषित कर सकती है, वे हैं- बुलढाणा, औरंगाबाद और बारामती।
वहीं पंजाब में जहां भाजपा की ओर से जल्द उम्मीदवारों के नाम घोषित होने की संभावना है, उनमें अमृतसर, आनंदपुर साहिब, बठिंडा और गुरदासपुर भी शामिल है।












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