इन सीटों पर मिली बहुमत तो केंद्र की सत्ता आ जाती है हाथों में! जानिए देश की कुछ Bellwether सीटों के बारे में

Lok Sabha Election Bellwether Seats: भारत में 1 जून को सातवें चरण के मतदान के साथ लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुका है। अब, सभी की निगाहें 4 जून पर टिकी हैं, जब लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने आएंगे।

इस बीच देश की कुछ बेलवेदर सीटें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सबसे बता दें कि बेलवेदर सीट उन सीटों को कहा जाता है जिन सीट पर जिस पार्टी की जीत होती है, उसी की सरकार केंद्र में बनती है। तो चलिए चुनाव के नतीजों से पहले जान लेते हैं उन बेलवेदर सीटों के बारे में।
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Bellwether Seats

जम्मू लोकसभा सीट: इस सीट की अगर बात की जाए तो 1998, 1999, 2014 और 2019 में यहां भाजपा की जीत हुई थी। इस दौरान केंद्र में भी भाजपा की सरकार बनी। इसके अलावा 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा था। दोनों ही बार केंद्र में कांग्रेस ने सत्ता संभाली थी।

जम्मू-कश्मीर का उधमपुर लोकसभा सीट: इस सीट की बात की जाए तो 1984, 1989, 2004 और 2009 में यहां कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को बहुमत मिली थी और केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार बनी थी। जबकि 1996, 1998, 1999, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां भाजपा ने अपना वर्चस्व कायम किया था और केंद्र में भी भाजपा सत्ता में आई थी।

झारखंड की रांची लोकसभा सीट: रांची सीट की गिनती भी बेलवेदर सीटों में होती है। वजह है कि 1996, 1998, 1999, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान यहां भाजपा को जीत मिली थी। इस दौरान केंद्र में भाजपा की सरकार बनी थी। जबकि 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में रांची से कांग्रेस की जीत हुई थी और केंद्र की सत्ता भी कांग्रेस के पास गई थी।

राजस्थान की अलवर लोकसभा सीट: अलवर लोकसभा सीट की अगर बात की जाए तो यहां 1999, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा विजयी हुई थी। इस दौरान केंद्र की सत्ता भी भाजपा के हाथों में गई थी। इसके अलावा साल 2004 और 2009 के दौरान यह लोकसभा सीट कांग्रेस के खाते में गई थी साथ ही साथ केंद्र में भी कांग्रेस ने सरकार बनाई थी।

हरियाणा की अंबाला लोकसभा सीट: अंबाला सीट की बात की जाए तो 1999, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां भाजपा की जीत हुई थी। इस दौरान केंद्र की सत्ता भी भाजपा के पास गई थी। जबकि साल 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। इस साल केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार बनी थी।

हरियाणा की फरीदाबाद लोकसभा सीट: 1980, 1984, 1989, 1991, 2004 और 2009 में फरीदाबाद में कांग्रेस की जीत हुई थी और केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार बनी थी। जबकि 1996, 1998, 1999, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर बाजी मारी और केंद्र में भी भाजपा ने सत्ता संभाली थी।

हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट: करनाल लोकसभा सीट की बात करें तो साल 1999, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां भाजपा को जीत मिली थी। इस साल केंद्र में भी भाजपा की सरकार बनी। जबकि 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में यहां कांग्रेस की जीत हुई थी और केंद्र की सत्ता भी कांग्रेस के पास गई थी।

क्या कहते हैं एग्जिट पोल के आंकड़े?

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान संपन्न होते ही एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ गए। एग्जिट पोल के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन के 543 लोकसभा सीटों में से 371 से 401 सीटें जीतने की संभावना है। इंडिया टीवी-सीएनएक्स एग्जिट पोल के मुताबिक अकेले बीजेपी को 319-338 सीटों के बीच जीत मिलने का अनुमान है। इंडिया ब्लॉक 109 से 139 सीटें जीत सकता है।

जबकि, सीवोटर-एबीपी द्वारा जारी आकड़ों के अनुसार एनडीए 353 से 383 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है वहीं इंडी अलायन्स के हिस्से में 152 से 182 सीटें जाने का अनुमान है। वहीं, इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को प्रचंड बहुमत दिया है। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 361 से 401 सीट दी हैं वहीं, विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A अलायंस को 131-166 सीटे दी गई हैं।
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