Lok Sabha Chunav: NDA या 'INDIA'! अंतिम चरण से पहले आगे कौन?
Lok Sabha Election: छठे चरण के चुनावों के साथ शनिवार को देश की 543 लोकसभा सीटों में से 486 या 90% लोकसभा क्षेत्रों में मतदान का काम पूरा हो चुका है। 1 जून यानी अगले शनिवार को अंतिम चरण में सिर्फ 57 सीटों पर वोटिंग होनी है।
25 मई को छठे दौर के चुनाव में 61.20% मतदान हुआ है और फाइनल डेटा आने पर इसमें कुछ और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही पश्चिमी भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक और उत्तर में कश्मीर-लद्दाख से लेकर पूरे दक्षिण भारत में मतदान का काम संपन्न हो चुका है।

90% भारत में मतदान का काम पूरा
अंतिम चरण में पंजाब,चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की बाकी बची 57 सीटों पर ही चुनाव होने रह गए हैं। यूं कह लीजिए कि देश में मतदान का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा संपन्न हो चुका है। ऐसे में यह देखा जा सकता है कि अभी कौन सी पार्टी या कौन सा गठबंधन, कहां खड़ा है?
लोकसभा चुनावों का मुख्य मुद्दा
18वीं लोकसभा का चुनाव मुख्य रूप से दो मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए सरकार अपनी 10 वर्षों के काम के दम पर तीसरी बार सत्ता में आने के लिए मैदान में है; जिसके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में एक विश्वव्यापी व्यक्तित्व है।
दूसरी ओर विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया ब्लॉक है, जो हर हाल में मोदी सरकार को सत्ता से हटाने के एकमात्र इरादे के साथ संघर्ष के सातवें चरण में प्रवेश कर गया है। इस इंडिया ब्लॉक ने कई राज्यों में एकजुटता के साथ एनडीए को चुनौती देने की कोशिश की है तो कुछ राज्यों में इसके सहयोगी आपस भी दो-दो हाथ कर रहे हैं।
2024 में सभी चरणों में 2019 से कम वोटिंग
अबतक जिन 6 चरणों में चुनाव हुए हैं, उनमें दो बातें स्पष्ट हैं। पहला कुल मतदान का प्रतिशत प्रत्येक चरण में 60 फीसदी से ज्यादा रहा है और चौथे चरण में यह 70 फीसदी के आंकड़े को छूते-छूते भी रह गया है।
दूसरा, अबतक हर चरण में पिछली बार से कम वोटिंग हुई है। 2019 के मुकाबले सबसे कम वोटिंग पहले चरण में (3.23 फीसदी) दर्ज किया गया है। सबसे कम अंतर पांचवें चरण में रहा है जो (0.23 फीसदी) दर्ज किया गया है।
इंडिया ब्लॉक का नतीजों को लेकर दावा
विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक का दावा है कि देश 4 जून को 2004 वाला इतिहास दोहराने जा रहा है और उसके गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। गठबंधन की ओर से 300 से 350 सीटें जीतने तक के दावे किए जा चुके हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश इंडिया ब्लॉक की ओर से 272 के जादुई आंकड़े पहले ही पार करने का दावा किया गया है और इसकी ओर से कहा जा रहा है कि वह अब 350 से ज्यादा सीटों की ओर बढ़ रहा है।
विपक्षी दलों को 300 से ज्यादा सीटें मिलने के दावे कांग्रेस ही नहीं, उसकी सहयोगी तृणमूल, आम आदमी पार्टी, आरजेडी जैसे दलों की ओर से भी किए जा रहे हैं।
बीजेपी और एनडीए कहां खड़ा है?
एनडीए और बीजेपी की ओर से बड़ी जीत के दावे सरकार और पार्टी के शीर्ष स्तर से किए जा रहे हैं। गृहमंत्री अमित शाह के मुताबिक पांचवें चरण में ही मोदीजी को 310 से ज्यादा सीटें मिल चुकी थीं। वह छठे और सातवें चरण को मिलाकर आसानी से 400 पार के लक्ष्य को पूरा करने की बात कह रहे हैं।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक छठे चरण में जो स्थिति नजर आई है, उससे 'शहजादों' का शटर गिरने जा रहा है। उनको लगता है कि कांग्रेस 40 से भी नीचे सिमट सकती है।
486 सीटों पर जहां वोटिंग हुई, वहां 2019 में क्या स्थिति थी?
दावों-प्रतिदावों के बीच अगर हम 2019 के लोकसभा चुनावों में अभी तक की स्थिति को देखें तो हमें आकलन में थोड़ी सहायता मिल सकती है। जिन 486 सीटों पर अबतक वोटिंग हुई है, उनमें 2019 में भाजपा को 278 सीटें मिली थीं।
2024 में भाजपा सूरत सीट निर्विरोध जीत चुकी है
मतलब, 2019 के हिसाब से भाजपा को बहुमत लायक सीटें आ चुकी थीं। इस बार तो गुजरात की सूरत लोकसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी मतदान से पहले ही निर्विरोध जीत दर्ज कर चुका है। वहीं एमपी के इंदौर में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का उम्मीदवार वोटिंग से पहले ही पाला बदल चुका है।
5वें चरण तक (2019 में) किसको कितनी सीट?
बीजेपी: 238
एनडीए: 275
कांग्रेस: 44
यूपीए: 85
अन्य: 68
6ठे चरण में (2019 में) किसको कितनी सीट?
कुल: 58
बीजेपी: 40
जेडयू: 03
एलजेपी: 01
कांग्रेस: शून्य
बीएसपी: 04
एसपी: 01
टीएमसी: 03
बीजेडी: 04
1 जून को सातवें चरण के मतदान के बाद वोटों की गिनती 4 जून को होगी। उसी दिन असल चुनाव परिणाम सामने आएगा और सियासी दलों के दावों और अटकलों की सही तस्वीर देश के सामने होगी।












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