Lok Sabha Chunav 2024: BJP के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार पार्टी से क्यों हैं निराश?
Kerala Lok Sabha Chunav 2024: केरल की मलप्पुरम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे बीजेपी के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार अब्दुल सलाम ने पार्टी की कुछ रणनीतियों को लेकर स्पष्ट रूप से निराशा जाहिर की है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब्दुल सलाम ने इस बात पर निराशा जताई है कि चुनावों के दौरान पार्टी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे पर अपना स्टैंड लोगों तक सही ढंग से रखने में नाकाम रही है, जिससे मुसलमान इससे दूर हुए हैं।

सीएए, द केरल स्टोरी के मुद्दे पर निराशा
इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि चुनाव के समय में फिल्म 'द केरल स्टोरी' दिखाए जाने से भी मुसलमानों की भाजपा से दूरी बढ़ी है।
उन्होंने मलप्पुरम चुनाव प्रचार के दौरान टीएनआईई से कहा, 'चुनाव के दौरान इस फिल्म के प्रदर्शन से सिर्फ मुसलमानों को बीजेपी से दूर करने में मदद मिलेगी। भारत में 20 करोड़ से अधिक मुसलमान हैं। हमें उन्हें मुख्यधारा से दूर नहीं रखना चाहिए। उन्हें शासन साझा करने के लिए मुख्यधारा में होना चाहिए।'
पलक्कड़ की घटना पर भी जताई हैरानी
पलक्कड़ में प्रधानमंत्री के रोड शो से उन्हें कथित रूप से दूर रखने के विवाद को लेकर कहा है कि इससे पार्टी को काफी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है, 'बीजेपी नेतृत्व इस तरह की घटनाओं को टाल सकता था। फिर भी मैंने पार्टी का बचाव किया।'
मलप्पुरम में पार्टी के प्रचार अभियान से भी संतुष्ट नहीं हैं सलाम
इस विवाद को लेकर बीजेपी-विरोधी दलों ने आरोप लगाया था कि वह मुसलमान हैं, इसलिए उनका नाम लिस्ट से बाहर कर दिया गया। सलाम को लगता है कि मौजूदा प्रचार मुस्लिम बहुल मलप्पुरम में वोट प्राप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
बीजेपी की प्रचार रणनीति कमजोर- अब्दुल सलाम
उन्होंने कहा, 'मैंने अबतक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो से तीन राउंड प्रचार पूरा कर लिया है। लेकिन, हमारा अभियान दूसरी पार्टियों की तुलना में कमजोर है। बीजेपी की प्रचार टीम अच्छी तरह से प्रशिक्षित नहीं है और अक्षम है। उनके पास उचित रणनीति नहीं है।'
गैर-भाजपा मतदाताओं तक पहुंचना जरूरी- भाजपा उम्मीदवार
उनका कहना है, 'पिछले 39 दिनों में मुझे भाजपा समर्थकों के घरों में ले जाया गया है। वे दूसरे लोगों के पास जाने से डरते हैं। गैर-भाजपा मतदाताओं तक पहुंचना जरूरी है। मलप्पुरम में बीजेपी कैंप गैर-भाजपाई हिंदुओं और मुसलमानों से संपर्क करने से कतराता है '
ईद पर मुसलमानों के घरों में जाने से परहेज क्यों?
भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि 'एक व्यक्ति ने मुझसे पूछा कि हमने ईद के दौरान मुसलमानों के घरों में जाने से क्यों परहेज किया है। क्रिसमस के दौरान हम ईसाइयों के घरों में गए थे। लोगों ने मुझसे पूछा कि इससे क्या संकेत मिलता है।'
उनका कहना है कि उन्हें इस सवाल का भी सामना करना पड़ता है कि बीजेपी में सिर्फ एक ही मुस्लिम उम्मीदवार क्यों है। केरल में लोकसभा की 20 सीटें हैं और भाजपा पहली बार इस राज्य में जीत की उम्मीद से चुनाव मैदान में उतरी हुई है।












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