लॉकडाउन: शराब दुकानों के बाद मॉल, सिनेमा और रिटेल शॉप खुलने के बढ़े आसार, ये हो सकती हैं शर्तें
नई दिल्ली- सरकार ने शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल और रिटेल स्टोर को खोलने को लेकर आपस में मंथन करना शुरू कर दिया है। इसके लिए विचार यह चल रहा है कि ऐसे मॉल और सिनेमा हॉल या रिटेल शॉप को रात में खोलने की इजाजत दी जाए। जहां तक कानूनी प्रावधान का सवाल है तो श्रम मंत्रालय के पास इस तरह का कानून पहले से ही मौजूद है। रिटेल सेक्टर के लोगों का भी मानना है कि अगर इस तरह का फैसला लिया जाता है तो आर्थिक गतिविधियां तो बढ़ेंगी ही, कई लोगों की नौकरियां भी बच जाएंगी। अभी इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति मिलने का इंतजार है, जिसके बाद गृहमंत्रालय इसको लेकर भी जरूरी गाइडलाइंस जारी कर सकता है।

ग्रीन जोन में रात में मॉल खोलने पर विचार
केंद्र सरकार को लगता है कि लोगों को शॉपिंग की छूट देने और फुर्सत के पल बिताने के लिए धीरे-धीरे कुछ चीजों में ढील की शुरुआत होनी चाहिए। लेकिन, इसके साथ ही वह यह भी चाहती है कि इसके चक्कर में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां न उड़ जाए। इसलिए इस बात पर मंथन चल रहा है कि ऐसी गतिविधियों को शुरू में सिर्फ ग्रीन जोन में ही इजाजत देकर देखा जा सकता है, लेकिन वो भी दिन में नहीं बल्कि रातों में। क्योंकि, रात में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना आसान हो सकता है और ट्रैफिक की समस्या को भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके बारे में कोई भी आखिरी फैसला लिए जाने से पहले स्वास्थ्य मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी लेना आवश्यक है, जिसके बाद गृहमंत्रालय इस को लेकर कोई एडवाइजरी जारी कर सकता है। ये जानकारी सरकार में चल रहे इस तरह के विचारों की जानकारी रखने वाले में एक अधिकारी ने इकोनॉमिक्स टाइम्स को दी है। एक अधिकारी के मुताबिक, 'इन्हें खोलने से आर्थिक गतिविधि में गति आएगी।'
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पहले से ही मौजूद है कानून
ऐसा नहीं है कि इस तरह की बातों पर सिर्फ केंद्र सरकार सोच रही है। राज्य सरकारों के दिमाग में भी इन पहलुओं पर मंथन चल रहा है। बुधवार को मध्य प्रदेश सरकार ने रिटेल स्टोर्स को सुबह के 6 बजे से आधी रात तक खोलने की इजाजत दे दी है। उसकी सोच ये है कि स्टोर्स 18 घंटे खुले रहेंगे तो भीड़ इकट्ठा नहीं होगी। श्रम मंत्रालय के मॉडल शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट्स ऐक्ट, 2016 में यह व्यवस्था बनी हुई है कि दुकानें 24 घंटे खुली रह सकती हैं, लेकिन महाराष्ट्र को छोड़कर बाकी राज्यों ने इस व्यवस्था को अभी तक नहीं अपनाया है। बता दें कि इस साल की शुरुआत में महाराष्ट्र ने दुकानों को चौबीसों घंटे खोले रखने की इजाजत दी थी। हालांकि, इसके लिए जरूरी था कि सुरक्षा की पूरी व्यवस्था हो और ग्राहक भी पहुंचें।

रिटेलर्स एसोसिएशन में जगी उम्मीद
व्यापार जगत के लोगों को जैसे ही सरकार के उच्च स्तर पर हो रही इन चर्चाओं की भनक लगी है, उन्होंने इस पर राहत जताई है। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सीईओ कुमार राजगोपालन का कहना है, 'मॉल और रिटल शॉप को रात में देर तक खोले रखने की इजाजत देने की सोच बहुत ही सही है, क्योंकि इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सकेगा और इससे घबराहट में होने वाली खरीदारी पर भी रोक सुनिश्चित की जा सकेगी।' उन्होंने ये भी कहा कि इससे इस सेक्टर में लोगों की नौकरियां बचेंगी, जो कि कोविड-19 की शुरुआत से 30% छटनी का सामना कर रहा है। महामारी से पहले एसोसिएशन ने अनुमान लगाया था कि इस सेक्टर को देर रात तक खोले रहने से आने वाले तीन वर्षों में यहां मिलने वाले रोजगार में 10-15 % का इजाफा होगा। लेकिन, कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने फिलहाल उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।












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