राज्यसभा में प्रधानमंत्री बोले- इस सदन ने ऐतिहासिक पल देखे हैं और इतिहास बनाया है
नई दिल्ली। सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। 18 नवंबर से शुरू हो रहा ये सत्र 13 दिसंबर को समाप्त होगा। इस बार लोकसभा में पास करने के लिए 22 बिलों की सूची तैयार की गई है। वहीं सरकार नागरिकता संशोधन बिल भी पेश करने जा रही है। इस सत्र में लोगों की निगाहें जम्मू-कश्मीर और नागरिकता संशोधन पर भी होंगी। साथ ही विपक्ष आर्थिक मंदी और बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा भी उठा सकता है।

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संसद के इस शीत सत्र में राज्यसभा के मार्शलों की वर्दी को बदल दिया गया है। पहली तस्वीर नई वर्दी की है और दूसरी तस्वीर पुरानी वर्दी की है
Delhi: The uniform of the marshals of the Rajya Sabha has been changed, this #WinterSession of the Parliament. (Pic 1- new uniform, Pic 2 - old uniform) pic.twitter.com/Ihr7TvLVKs
— ANI (@ANI) November 18, 2019
शीतकालीन सत्र के लिए गुरदासपुर से भाजपा सांसद सनी देओल संसद पहुंचे
Delhi: BJP MP from Gurdaspur, Sunny Deol at the Parliament on the commencement of the #WinterSession pic.twitter.com/RR4zvLj3wd
— ANI (@ANI) November 18, 2019
लक्षद्वीप से सांसद फैजल पीपी मोहम्मद ने लोकसभा में कहा- हमने स्थानीय लोगों की सेवा विस्तारित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है ताकि लक्षद्वीप के मुद्दों को ठीक से संबोधित किया जा सके और क्षेत्र विकसित हो। हम केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुरोध करते हैं कि इस प्रस्ताव को गंभीरता से लें।
लक्षद्वीप से सांसद फैजल पीपी मोहम्मद ने लोकसभा में कहा- ये लक्षदीप के विकास के बार में है। वहां अधिकतर अधिकारी डैनिक्स (DANICS) (दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव एवं दादरा और नगर हवेली सिविल सेवा) से जुड़े हैं। वे स्थानीय मुद्दों को नहीं समझते हैं।
शिवसेना नेता संजय राउत ने राज्यसभा में कहा- संघर्ष का दूसरा नाम अरुण जेटली था, और उनके हर संघर्ष में मैं उनके साथ रहा। हमने उनके सभी आदेशों का पलान किया था। हमने अरुण जेटली से सीखा है कि रिश्ते क्या होते हैं और उन्हें कैसे निभाया जाता है। अरुण जेटली का जाना देश के लिए नुकसान तो है ही लेकिन यह शिवसेना के लिए सबसे बड़ा नुकसान है। मैं उद्धव जी और मेरी पार्टी की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।
राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा- मैं अरुण जेटली को निजी तौर पर जानता था। हमारे बीच की राजनीतिक खटास हमारे निजी संबंधों के कारण मिठास में बदल जाती थी। उनके छात्र जीवन से लेकर मृत्यु तक, उनका जीवन बहुत सक्रिय रहा। वह एक अच्छे छात्र, अच्छे संचालक और अच्छे नेता थे।
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