Live update- शिक्षक दिवस पर नरेंद्र मोदी का संबोधन
शिक्षक दिवस के मौके पर नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले स्कूली छात्रों ने भी शिक्षक दिवस पर भाषण प्रस्तुत किया। एक छात्र ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सर्वपल्ली राधाकृष्ण के बारे में बताया तो अन्य छात्रा ने वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने शब्दों को व्यक्त किया। वहीं एक छात्र ने अपने भाषण में शिक्षकों की भूमिका को देश के लिए उपयोगी बताया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने क्या इस पर पेश है वनइंडिया की लाइव अपडेटः

नरेंद्र मोदी ने यह यह कहा-
- प्रधानमंत्री ने कहा सभी प्यारे दोस्तो, यह मेरे लिए एक अच्छी घड़ी है कि जिनके हाथों में भारत के भावी सपने सवार हैं। बालकों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला है।
- छात्र-छात्राएं भावी सपने हैं।
- आवश्यकता है कि हम इस बात को उजागर करें कि समाज जीवन में शिक्षक के महत्व क्या है। और जब तक हम इस महत्व को स्वीकार नहीं करेंगे। न शिक्षक के प्रति गौरव पैदा हौगा। न ही शिक्षक के माध्यम से नई पीड़ी में कोई परिवर्तन आ पाएगा।
- यह सवाल आज भी है कि आखिर आज एक बेहतर क्षमता रखने वाला विद्यार्थी टीचर नहीं बनना चाहता। इस सवाल का जवाब हमे तलाशने की जरूरत है। इस भाव को जगाने की जरूरत है।
- अगर यह भाव जाग गया तो एक उत्तम स्थिति में पहुंचा जा सकता है। उत्तम जीवन की कल्पना की जा सकती है।
- ऐसा होना चाहिए बच्चे कहें कि एक बच्चे कामयाब होने के लिए कहे मेरी कामयाबी के पीछे मेरे शिक्षक का हाथ है। एक जमाना था कि शिक्षक के प्रति ऐसा भाव था कि एक छोटा सा गांव हो तो एक शिक्षक उसके लिए बहुत बड़ी चीज हुआ करता था। सारे बच्चे उसे गुरू-गुरू कहा करते थे।
- मेने कई ऐसे विद्यार्थी देखे हैं कि वह अपने स्टाइल भी ऐसा ही रखते हैं कि जैसा उनका टीचर करता है।
- चीन में एक कहावत है कि लोग दस साल का सोचते हैं वह फलों के पेड़ बोते हैं, लेकिन जो पीढियों का सोचते हैं वह इंसान बोते हैं। हमारी जीवन प्रणाली को जीवन निर्माण के साथ हम जीवंत कैसे बनाए।
- हमारी इच्छा है कि देश में स्कूल कोई ऐसी न हो जिसमें बालिकाओं के लिए शोचालय नही हो। सभी स्कूलों में बालिकाओं के लिए शोचालय होनी चाहीए।
- मुझे हर स्कूल से मदद चाहिए। मै दो दिन पहले जापान गया था। एक सज्जन मेरे पास आए बोले आप हम स्कूल में बच्चों सहित साफ-सफाई करते हैं। आप हिंदुस्तान में ऐसा क्यों नहीं कर सकते। मैने कहा कि मुझे मीडिया से पूछना पड़ेगा।
- हम राष्ट्र निर्माण को जनांदोलन में बदलेगे। हम ऐसा देश देंगे जो अपनी शक्तियों को जोड़े। हम ऐसा देश देंगे जो कभी पीछे नहीं जाए।
- हम सभी यह काम मिलकर करेंगे। विद्यार्थियों के नाते यह आपके सपने हैं।
- परिस्थितियां किसी को नहीं रोक पाती अगर आगे बढ़ने वाले के इरादों में दम हो। यह दम हमारे देश नौजवानों में है।
- मैं आप से एक सवाल पूछता हूं। आपके पास भी बालक हैं। देखिए जीवन में खेल कूद नहीं तो जीवन खेलता भी नहीं है। शरीर में कम से कम चार बार पसीना निकलना चाहिए। नहीं तो यह किताब, टीवी के ही दायरे में जीवन सिमट जाएगी। इससे काफी बड़ी है जिंदगी।
- ज्यादातर विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अलावा अन्य पुस्तक पढ़ने का शौक है। तो पढ़िए लेकिन एक बार मानिए अगर आप जीवन चरित्र पढ़ेंगे तो आपके लिए अच्छा होगा। जैसे जीवन में प्रगति करने वाले, साइंटिस्ट, खिलाड़ी, आदि का आपको जीवन चरित्र पढ़ना चाहिए।
- हर काम गूगल गुरू करता है। कोई भी सवाल है गूगल से जानकारी तो मिलती है लेकिन ज्ञान नहीं मिलता है।
- मै शिक्षकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देता हूं। धन्यवाद।
- इसके बाद स्वच्छ भारत भारत अभियान की विवरणिका का विमोचन किया।
- इसके बाद छात्र-छात्राओं के एक-एक कर प्रश्नों के जवाब दिए।












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