उम्रकैद की सजा 14 या 20 साल, बिल्कुल गलत, जानें क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट का कानून?
Life imprisonment: उम्रकैद की सजा 14 साल या 20 साल? इसे लेकर लोगों में अक्सर भ्रम होता है जिससे लोग कई बार कानूनी पहलू को नहीं समझ पाते हैं। आज हम आपलोगों को बताएंगे कि उम्रकैद की वास्तविक सजा कितनी होती है?

Life imprisonment: बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की जेल से रिहाई मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। आनंद मोहन सिंह गोपालगंज के उस समय के रहे जिलाधिकारी जी. कृष्णैया की मॉब लिंचिंग कराने के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। उन्होंने जेल में कुल 16 साल बिताया जिसके बाद राज्य सरकार ने कानून में बदलाव कर उनकी रिहाई करवा दी। अब यहीं पर कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि उम्रकैद की सजा 14 साल या 20 साल की होती है क्या? तो चलिए आज हम उनलोगों के इस भ्रम को दूर करते हैं जो सोचते हैं कि आजीवन कारावास (Life imprisonment) 14 या 20 साल की ही होती है।
क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट का कानून (Life imprisonment)
अगर आप सोचते हैं कि उम्रकैद की सजा 14 साल या 20 साल की ही होती है तो यह आपका भ्रम है। सबसे पहले यह जानकारी दुरुस्त कर लीजिए कि उम्रकैद के लिए किसी भी कानून में 14 साल या 20 साल की सजा का कोई प्रावधान नहीं है। उम्रकैद का मतलब आपकी मौत तक आप जेल में ही रहेंगे। अपराधी को पूरी जिंदगी जेल में ही काटनी होगी।
किस स्थिति में 14 साल बाद हो सकती है रिहाई?
दरअसल, संविधान के मुताबिक राज्य सरकार के हाथ में एक पावर होता है कि कैदी अगर जेल में 14 साल पूरा कर लेता है और राज्य सरकार उसे रिहा करवाना चाहती है तो कानून में बदलाव कर या अदालत को सिफारिश भेज 14 साल बाद रिहा कर सकती है। राज्य सरकार को एक अधिकार दिया गया है कि उम्रकैद के आरोपी को 14 वर्ष बाद कभी भी रिहा सकती है।
राज्य सरकार 14 साल के बाद कैदी के व्यवहार, बीमारी, पारिवारिक समस्या या अन्य कारणों के आधार पर किसी भी समय कैदी को रिहा कर सकती है। लेकिन उम्रकैद की सजा पाए अपराधी को जेल में कम से कम 14 साल बिताने ही होंगे।
क्या जेल में 12 घंटे को 1 दिन गिना जाता है?
अगर आप यह सोच रहे हैं कि जेल में 12 घंटे को 1 दिन कहा जाता है तो यह आपका भ्रम है। ऐसा वहम बिल्कुल न पालें। जेल में एक दिन का मतलब 24 घंटे ही होता है।












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