बीते जमाने की मशहूर गायिका मुबारक बेगम का निधन
नई दिल्ली। बीते जमाने की मशहूर गायिका मुबारक बेगम का सोमवार रात मुंबई में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वो 80 वर्ष की थीं और लंबे वक्त से बीमारी से जूझ रही थीं।उनके परिवार के सदस्य ने उनके निधन की सूचना मीडिया को दी। उनका अंतिम संस्कार आज होगा।
50-60 के दशक में अपनी सुरमयी आवाज से लोगों का दिल जीतने वाली मुबारक बेगम का बचपन और अंतिम वक्त काफी बदहाली में गुजरा। बचपन में आर्थिक तंगी के कारण वो फिल्मों में गायिका बनीं थी लेकिन टॉप पर पहुंचने के बाद भी वो पिछले काफी वक्त से गुमनामी के अंधेरे में गुम थीं क्योंकि उनके पास कोई काम नहीं था।
'तन्हाइयों में हमारी याद आएगी'
उनका बेटा एक ऑटो चालक है। उनके परिवार में एक बेटा-बहू और चार पोतियां हैं। उनका सबसे मशहूर गीत 1961 में आई फिल्म 'हमारी याद आएगी' कभी 'तन्हाइयों में हमारी याद आएगी' था जिसके लिए उन्हें काफी सराहा गया था।
'जब जब फूल खिले' के गाने को लेकर हुआ था विवाद
उनके नाम पर एक बड़ा विवाद भी रहा। उन्होंने दावा किया था कि फिल्म 'जब जब फूल खिले' का गाना 'परदेसियों से ना अंखियां मिलाना' उनकी आवाज में रिकॉर्ड किया गया, लेकिन जब फिल्म का रिकॉर्ड बाजार में आया तो गीत में उनकी आवाज की जगह लता मंगेशकर की आवाज थी।
फिल्म 'राम तो दीवाना है'
उन्होंने इस बात पर काफी हाय-तौबा मचायी थी लेकिन उससे उनको नुकसान ही हुआ क्योंकि उसके बाद से उन्हें फिल्मों में काम मिलना काफी कम हो गया। उनका अंतिम गीत साल 1980 में आयी फिल्म 'राम तो दीवाना है' का था। उसके बाद से वो पिछले 36 सालों से गुमनामी के अंधेरों में गुम थीं।













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