भारतीयों को खारकीव छोड़ने की सलाह रूस से मिले इनपुट पर आधारित है : विदेश मंत्रालय

नई दि्ल्ली, 02 मार्च: युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने की कोशिशें जारी हैं। केंद्र सरकार बच्चों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा चला रही है। इसी बीच बुधवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि, यूक्रेन छोड़ने वाले भारतीयों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। अनुमान है कि एडवाइजरी जारी होने के बाद अभी तक लगभग 17,000 भारतीय नागरिक यूक्रेन की सीमाओं को छोड़ चुके हैं।

leave Kharkiv immediately advisory issued by our Embassy basis of information received from Russia

अरिंदम बागची ने बताया कि, पिछले 24 घंटों के दौरान, 6 उड़ानें भारत पहुंची हैं, जिससे भारत में कुल उड़ानों की संख्या 15 हो गई है और इन उड़ानों से लौटने वाले भारतीयों की कुल संख्या 3,352 है। अगले 24 घंटों में 15 उड़ानें निर्धारित की गई हैं। इनमें से कुछ पहले से ही वर्तमान में रास्ते में हैं। भारतीय वायु सेना का विमान सी-17 बुखारेस्ट (रोमानिया) से ऑपरेशन गंगा में शामिल हो गया है, इस विमान की आज रात में दिल्ली लौटने की उम्मीद है। बुडापेस्ट (हंगरी), बुखारेस्ट (रोमानिया) और पोलैंड से आज तीन और आईएएफ उड़ानें शुरू की जाएंगी।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि, खार्किव में जो भारतीय फंसे हैं, उन्हें तुरंत वहां से किसी दूसरी जगह चले जाने का एडवाइजरी जारी की गई है। हमारे दूतावास द्वारा अभी जारी की गई एडवाइजरी रूस से प्राप्त जानकारी के आधार पर है। हम अपने सभी नागरिकों से आग्रह करेंगे कि वे पैदल और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी उपलब्ध साधन का उपयोग करके खार्किव को तुरंत सुरक्षित क्षेत्रों या आगे पश्चिम की ओर निकल जाएं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि, इसके लिए खार्किव के पास की तीन जगह (पिसोचिन,बेज़लुडोव्का और बाबे) सुरक्षित जोन बताई गई हैं। नागरिकों को आज 6 बजे (यूक्रेनी समय) तक इन इलाकों में पहुंचने को कहा गया है। पूर्वी यूक्रेन के शहर चिंता का विषय बने हुए हैं। खबर है कि कुछ छात्र कल रात आज सुबह खार्किव से ट्रेन में चढ़ने में सफल रहे हैं। हम खार्किव और अन्य शहरों से अपने नागरिकों के सुरक्षा के लिए रूसी पक्ष के साथ संवाद कर रहे हैं।

Recommended Video

    Russia Ukraine War: MEA की नई एडवाइजरी जारी, Indians तुरंत छोड़ दें Kharkiv | वनइंडिया हिंदी

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि, यूक्रेन में रहने वाले एक भारतीय नागरिक चंदन जिंदल की प्राकृतिक कारणों से मृत्यु हुई है। उनका परिवार भी यूक्रेन में है। जिन लोगों ने अपना भारतीय पासपोर्ट खो दिया है, उनके लिए आपातकालीन प्रमाणपत्र जारी करने के लिए एक तंत्र स्थापित किया गया है। मुझे लगता है कि इससे कई भारतीय छात्रों को भी मदद मिलेगी।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची से जब पूछा गया कि क्या पीएम मोदी आज रात फिर से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे? तो उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री कई देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं। जब भी ऐसी बातचीत होती है तो हम आपके साथ साझा करते हैं। मैं पहले से कुछ नहीं कहना चाहूंगा।

    अन्य देशों की मदद के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, सिद्धांतिक रूप में, हम दूसरे देशों की मदद के लिए हमेशा तैयार हैं। अगर हमें इस पर कोई विशेष अनुरोध मिलता है तो हमारा रुख इस पर विचार करेंगे। अगर हमें ऐसा मौका मिलता है तो हम मदद करेंगे। हम इसे करने में सक्षम हैं, तो हम निश्चित रूप से मदद करेंगे। वहीं दूतावास शिफ्ट करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि, भारतीयों को सीमा पार करने की सुविधा के लिए दूतावास (कीव में) को लवीव में एक अस्थायी कार्यालय स्थापित करने के लिए कहा गया था। इस उद्देश्य के लिए हमारी दूतावास टीम का एक बड़ा हिस्सा अब लवीव में है। हम वहां फंसे नागरिकों को निकालने में सहायता के लिए पूर्वी यूक्रेन पहुंचने के विकल्प तलाश रहे हैं। हम देख रहे हैं कि क्या हमारी टीमें वहां पहुंच पाती हैं, यह आसान नहीं है क्योंकि रास्ता हर समय खुला नहीं रहता है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+