10 राज्यों-6 देशों तक जमा चुका पांव, जेल से चलता है लॉरेंस का गैंग? जानें कितना बड़ा है क्राइम नेटवर्क
Gangster Lawrence Bishnoi Network: उम्र-32 साल, मौजूदा पता-साबरमती सेंट्रल जेल। नाम लॉरेंस बिश्नोई। एक बार फिर ये नाम चर्चाओं में आ गया है और उसकी वजह है फेमस पंजाबी सिंगर और रैपर एपी ढिल्लों के कनाडा में घर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली है।
ऐसे में जो लोग नहीं जानते कि आखिर लॉरेंस बिश्नोई कौन है? और उसका ऐसा कितनी बड़ा नेटवर्क है, जो भारत के बाहर भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने से नहीं चूकते तो यह खबर उन्हीं लोगों के लिए है। पढ़िए जरायम की दुनिया का बड़ा नाम बन चुके लॉरेस बिश्नोई की कहानी...

क्राइम की दुनिया का रियल 'एनिमल'
2014 से जेल के अंदर बंद लॉरेंस बिश्नोई का जैसे-जैसे वक्त गुजर रहा है। वैसे-वैसे उसकी क्राइम की दुनिया में वर्चस्व बढ़ता जा रहा है। अगर लॉरेंस को क्राइम दुनिया का रियल एनिमल भी कहा जाए तो अतिश्योति नहीं होगी। जेल के अंदर से लॉरेंस हत्या, रंगदारी के अलावा कॉन्ट्रैट किलिंग के साथ अपने दुश्मनों को बड़ी ही आसानी से रास्ते से हटा देता है।
10 राज्यों और 6 देशों तक फैला नेटवर्क
पंजाब के मशूहर गायक सिद्धू मूसेवाला के मर्डर से लेकर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग तक का पूरा प्लान लॉरेंस ने जेल के अंदर से बैठे-बैठे पूरा किया। इतना ही नहीं लॉरेंस का नेटवर्क देश के 10 राज्यों के साथ-साथ 6 देशों तक फैला हुआ है। जहां वो कभी भी किसी भी वक्त किसी को भी अपना निशाना बना सकता है।
1 हजार शार्प शूटर्स, हाईटेक हथियार
भारत का सबसे बड़ा गैंगस्टर बन चुके लॉरेंस की गैंग में एक 1 हजार से ज्यादा शार्प शूटर्स हैं। जो वर्ल्ड क्लास हथियार लेकर चलते हैं। बताया जाता है कि हथियारों की खेप अमेरिका, पाकिस्तान और यूरोप से भारत आती है। जिन 10 राज्यों में लॉरेंस का नेटवर्क है वो दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, बंगाल, झारखंड और गुजरात है। इसी तरह कनाडा, अमेरिका, अजरबैजान, पाकिस्तान, नेपाल और फिलीपींस तक कुख्यात अपनी धाक जमा चुका है।
शूटर्स को बोलता है अपना भाई
एक इंटरव्यू में लॉरेंस से जब पूछा गया कि आपके गैंग के मेंबर यानी आपके गुर्गे आपकी एक आवाज में किसी को भी निशाना बना देते हैं तो लॉरेंस ने कहा कि वो हमारे भाई है। वो हमारी इज्जत करते हैं और हमारे दुश्मनों को उसकी सही जगह भेजते हैं।
लॉरेंस के एक हुक्म पर उसके साथी गोलियां की बौछार करने का माद्दा रखते हैं। लॉरेंस बस जेल के अंदर से बैठकर साजिश रचता है लेकिन उसके पूरा उसके शूटर्स करते हैं। कनाड़ा के बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ मौजूदा वक्त में पूरी गैंग को कंट्रोल कर रहा है।
पंजाब का रहने वाला है लॉरेंस
12 फरवरी 1993 को पंजाब के फिरोजपुर में जन्मा लॉरेंस बिश्नोई ग्रेजुएट है। लॉरेंस के जन्मे से पहले उसके पिता 1992 में हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के रूप में शामिल हुए थे, लेकिन पांच साल बाद नौकरी छोड़कर किसानी करने लगे। लॉरेंस ने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की है। साल 2009 में पढ़ाई के दौरान वह पंजाब यूनिवर्सिटी के एक छात्र संगठन SOPU से जुड़ा गया और उसी दौरान उसकी मुलाकात छात्र संगठन के अध्यक्ष गोल्डी बराड़ से हुई।
छात्र नेता से बन गया गैंगस्टर
बताया जाता है कि कॉलेज के दिनों में लॉरेंस छात्र राजनीति करने लगा और इसी दौरान अपराध की दुनिया की तरफ वो मुड गया। चुनाव में हार के बाद लॉरेंस ने पिस्तौल खरीदी और फायरिंग कर दी। जिसके बाद पहली एफआईआर उसके खिलाफ हत्या के प्रयास की थी। उस वक्त लॉरेंस सिर्फ 19 साल का था। बस उसके बाद लॉरेंस का अपराध की दुनिया में कद धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।












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