कानून मंत्री किरण रिजिजू का खुलासा- जल्द भारतीय न्यायपालिका होगी कागज रहित
कानून मंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को E-Courts Project पर बैठक की। जिसके बाद उन्होंने कि न्यायपालिका जल्द ही कागज रहित होगी। इसके संबंध में मैं जल्द ही सीजेाई और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की टीम से मिलूंगा।

लंबे समय से पेपर सेव करने का अभियान जारी है। वहीं मंगलवार को केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने खुलासा किया कि जल्द ही हमारी न्यायापालिक कागज रहित होगी। उन्होंने कहा इस संबंध में मैं जल्द ही मैं भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक टीम से मिलूंगा।
ई-कोर्ट प्रोजेक्ट कैसे आकार ले सकती है, इस पर चर्चा की
केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि उन्होंने कानून अधिकारियों से कहा कि उन्हें पेपरलेस होने की जरूरत है। कानून मंत्री ने ई-कोर्ट प्रोजेक्ट कैसे आकार ले सकती है, इस पर चर्चा के लिए बैठक की। बता दें ई-कोर्ट परियोजना का उद्देश्य सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के माध्यम से अदालतों की सक्षमता के माध्यम से देश की न्यायिक प्रणाली को बदलना है।
मंत्रालय की एक टीम से मिलूंगा
इंडियन ज्युडिसियरी को जल्द कागत रहित करने के बारे में बात करते हुए रिजिजू ने कहा जल्द ही मैं सीजेआई और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक टीम से मिलूंगा। उन्होंने सीजेआई से ई-समिति के अध्यक्ष के रूप में पद छोड़ने से पहले चीजों को स्पष्ट करने का अनुरोध किया।
कोर्ट में लंबित मामलों की कुल संख्या 5 करोड़ तक होने वाली है
किरेन रिजिजू ने लंबित मामलों पर बोलते हुए कहा कि लंबित मामलों की कुल संख्या 5 करोड़ तक पहुंचने वाली है। उन्होंने बड़ी संख्या में लंबित मामलों पर दुख व्यक्त किया और केस की प्रक्रिया और प्लेटफॉर्म को सिंगल-विंडो सिस्टम में रखने की जरूरत बताई।
न्यायिक ढांचा बहुत अच्छी स्थिति में नहीं है
किरेन रिजिजू कि वर्तमान स्थिति के तहत, एक समकालिक प्रणाली को प्राप्त करने में "कुछ कागजात के अभाव में" इतना समय लगता है। कानून मंत्री मंगलवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा न्यायिक ढांचा बहुत अच्छी स्थिति में नहीं है। उत्तर प्रदेश में अदालतों के बुनियादी ढांचे के बारे में बोलते हुए, रिजिजू ने कहा कि प्रमुख विकास की संभावना है क्योंकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने न्यायिक बुनियादी ढांचे के विकास पर राज्य सरकार के साथ संवाद करने के लिए एक वरिष्ठ न्यायाधीश को नामित किया है।
कानून मंत्री बोले जजों को जगह की जरूरत है
कानून मंत्रि रिजिजू ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले साल जब वह वहां गए थे तो ऐसा लगा था कि वह एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं क्योंकि हजारों वकील कोर्ट में मौजूद थे। रिजिजू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में, सीजेआई ने मुझसे कहा कि सीजेआई कोर्ट रूम को छोड़कर, अन्य कोर्ट रूम छोटे हैं, जजों के लिए उपयुक्त जगह की आवश्यकता है। मंत्री ने कहा केंद्र उच्च न्यायालयों के लिए ज्यादा कुछ नहीं कर सकता क्योंकि इसकी एक परिभाषित भूमिका है। राज्य सरकार को न्यायिक बुनियादी ढांचे के लिए धन उपलब्ध कराना है।
-
'मैंने 6 मर्दों के साथ', 62 साल की इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने खोलीं लव लाइफ की परतें, 2 शादियों में हुआ ऐसा हाल -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
Mojtaba Khamenei: जिंदा है मोजतबा खामेनेई! मौत के दावों के बीच ईरान ने जारी किया सीक्रेट VIDEO -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Mathura News: 'फरसा वाले बाबा' की हत्या से ब्रज में उबाल! दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, CM योगी ने लिया एक्शन -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट












Click it and Unblock the Notifications