रिटायर्ड SC जज बोले- "चीजें 'बहुत खराब'...अगर प्रधानमंत्री का चेहरा..." कानून मंत्री का जवाब 'PM को गाली...'
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की टिप्पणी पर कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने नाराजगी का इजहार किया है। उन्होंने कहा, "वे कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए आपातकाल के बारे में कभी बात नहीं करेंगे।" law minister kiren rijiju r
नई दिल्ली, 04 सितंबर : केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीएन श्रीकृष्णा ने कहा था कि उन्हें यह कबूल करना होगा कि आज के हालात 'बहुत खराब' हैं। कोई भी उन्हें बिना कारण गिरफ्तार कर जेल में बंद कर सकता है। जस्टिस श्रीकृष्णा ने ये बातें एक इंटरव्यू के दौरान कहीं, जिसके जवाब में किरेन रिजिजू ने कहा, "वे कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए आपातकाल के बारे में कभी बात नहीं करेंगे।" बता दें कि कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट राज्य सभा सदस्य कपिल सिब्बल के बयान के कारण भी सुर्खियों में रहा था। सिब्बल ने शीर्ष अदालत पर भरोसे लेकर टिप्पणी की थी।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का रोना !
कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी एन श्रीकृष्ण पर 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की कमी' वाली टिप्पणी के लिए निशाना साधा। उन्होंने कहा, जो लोग एक लोकप्रिय निर्वाचित प्रधानमंत्री को गाली देने के लिए बिना किसी प्रतिबंध के बोलते हैं वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का रोना रो रहे हैं।

प्रधानमंत्री का चेहरा पसंद नहीं है, तो...
खबरों के मुताबिक न्यायमूर्ति श्रीकृष्णा (सेवानिवृत्त) ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा, आज चीजें "बहुत खराब" हैं। "मुझे कबूल करना होगा, अगर मैं सार्वजनिक चौक पर खड़ा होकर कहता कि मुझे प्रधानमंत्री का चेहरा पसंद नहीं है, तो मुझ पर छापेमारी हो सकती है। मुझे गिरफ्तार कर बिना कोई कारण बताए जेल में डाला जा सकता है। उन्होंने कहा, अब कुछ ऐसा है कि हम सभी नागरिक के रूप में विरोध कर रहे हैं।
निर्वाचित प्रधानमंत्री को गाली...
रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा की इस बात का हवाला देते हुए ट्वीट के जवाब में कानून मंत्री रिजिजू ने कहा, "वे लोग जो हर समय बिना किसी प्रतिबंध के लोकप्रिय और निर्वाचित प्रधानमंत्री को गाली देने के लिए बोलते हैं, वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का रोना रो रहे हैं। वे कभी भी कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए आपातकाल के बारे में बात नहीं करेंगे। न ही कुछ क्षेत्रीय पार्टी के मुख्यमंत्रियों की आलोचना करने की हिम्मत करेंगे।"
अगर सुप्रीम कोर्ट जज ने ऐसा कहा है तो...
जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा से जुड़ी खबर के अंश पर ट्वीट कर रिप्लाई करने के बाद एक अन्य ट्वीट में कानून मंत्री रिजिजू ने कहा, उन्हें नहीं पता कि सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व जज ने वास्तव में ऐसा कहा है या नहीं। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, "अगर यह सच है तो यह बयान अपने आप ने उस संस्थान को भी नीचा दिखाने का काम किया है, जहां वे खुद सेवाएं दे चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट और करप्शन...
बता दें कि ये पहला मौका नहीं है जब किसी सुप्रीम कोर्ट जज ने सरकार, प्रधानमंत्री या सिस्टम से जुड़ी ऐसी टिप्पणी की है। सबसे चर्चित मामला उस समय सामने आया था जब सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था और न्यायपालिका में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। इन जजों में जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस मदन बी लोकुर शामिल थे। बाद में जस्टिस गोगोई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के रूप में रिटायर हुए। रिटायरमेंट के बाद गोगोई राज्य सभा के लिए भी मनोनीत हुए थे।












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