सरकारी बंगला और एसपीजी सुरक्षा नहीं चाहता वाजपेयी का परिवार, पीएमओ को लिखी चिट्ठी
दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के परिवार ने सरकारी सुविधाएं त्यागने का फैसला किया है। पूर्व प्रधानमंत्री की गोद ली हुई बेटी नमिता भट्टाचार्य ने पीएमओ को चिट्ठी लिख वाजपेयी को आवंटित कृष्णा मेनन मार्ग बंग्ला और सीपीजी सुरक्षा त्यागने की बात कही है।
नई दिल्ली। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के परिवार ने सरकारी सुविधाएं त्यागने का फैसला किया है। पूर्व प्रधानमंत्री की गोद ली हुई बेटी नमिता भट्टाचार्य ने पीएमओ को चिट्ठी लिख वाजपेयी को आवंटित कृष्णा मेनन मार्ग बंग्ला और सीपीजी सुरक्षा त्यागने की बात कही है। परिवार का कहना है कि वो सरकारी खजाने पर व्यर्थ में भार नहीं डालना चाहते। बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी का परिवार होने के नाते उन्हें सरकारी घर और एसपीजी सुरक्षा सरकार की तरफ से मिली हुई है।

नमिता भट्टाचार्य ने पीएमओ को इस सिलसिले में चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में उन्होंने वाजपेटी को आवंटित कृष्णा मेनन मार्ग पर स्थित सरकारी बंगला 6-ए और भट्टाचार्य को मिली एसपीजी सुरक्षा को त्यागने की बात कही है। वो अब और लुटेयंस दिल्ली के इस घर में नहीं रहना चाहतीं।
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नमिता भट्टाचार्य और उनका परिवार जल्द ही अपने घर में शिफ्ट हो जाएगा। इसके अलावा उन्होंने सरकार से एसपीजी सुरक्षा लेने का भी निवेदन किया है। पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार को सरकार एसपीजी की सुरक्षा मुहैया कराती है।
वाजपेयी के परिवार में उनकी दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य, उनके पति रंजन भट्टाचार्य और दोनों की बेटी निहारिका हैं। ये परिवार वाजपेयी के साथ इसी घर में रहता था। रंजव भट्टाचार्य ने वाजपेटी के साथ पीएमओ में ओएसडी के तौर पर काम भी किया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 16 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
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