शहीदों के अंतिम संस्कार के इंतजार में घरवाले, खराब मौसम बना विलेन
नई दिल्ली। सियाचिन में शहीद हुए लांस नायक हनुमनथप्पा का शव कर्नाटक स्थित उनके पैतृक गांव पहुंच गया है। यहां पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं सियाचिन के नौ और बहादुरों के घरवालों को अभी तक उनके शवों का इंतजार है।

खराब मौसम की वजह से अभी तक इन नौ बहादुरों के शव निकाले नहीं जा सके हैं। इंडियन आर्मी की ओर से शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा गया है कि मौसम के सुधरते ही सभी जवानों के शवों को निकाल लिया जाएगा।
लांस नायक हनुमनथप्पा के साथ सूबेदार नागेश टीटी, हवलदार इलुमलइ एम, लांस हवलदार एस कुमार, लासं नायक सुधीश बी, सिपाही महेश पीएन, गणेशन जी, रामामूर्ति मुश्ताक अहम और सिपाही नर्सिंग असिस्टेंट सूयवंशी एसवी भी तीन फरवरी को सियाचिन में आए बर्फीले तूफान में शहीद हो गए थे।
नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा की ओर से जानकारी दी गई है कि जैसे ही मौसम सही होगा मौका मिलते ही इन सभी सैनिकों के शवों को एयरलिफ्ट कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वह इस बात से वाकिफ हैं कि इन सभी सैनिकों के परिवारवालों के लिए यह एक मुश्किल पल है। इंडियन आर्मी उनके दर्द को काफी बेहतरी से समझती है।
नौ शहीद जवानों के शवों को पहले परतपुर के मिलिट्री हॉस्पिटल लाया जाएगा। वहां पर इन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट की मदद से इन्हें इनके घरों के लिए रवाना कर दिया जाएगा।












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