नीतीश के तीर से उन्हीं को चित करना चाहते हैं लालू यादव, ये है प्लान
लालू यादव ने शरद यादव को खुला ऑफर कर दिया है, दक्षिणपंथी तानाशाही के नाम पर लालू शरद को अपने पाले में लाना चाहते हैं। राजनीति के माहिर खिलाड़ी चुप बैठने वाले राजनीतिज्ञों में से नहीं हैं
नई दिल्ली। आरेजडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व जेडीयू सुप्रीमो शरद यादव बिहार की राजनीति में बड़ा हेरफेर करने का माद्दा रखते हैं। अगर ये दोनों यादव साथ आ जाए तो एक नए राजनीतिक व्यूह की रचना हो सकती है और आरजेडी सुप्रीमो यहीं चाहते हैं, लिहाजा उन्होंने शरद यादव पर डोरे डालना शुरू कर दिया है उधर शरद यादव बिहार के सीएम नीतीश कुमार से नाराज चल रहे हैं।

क्या शरद की नाराजगी का फायदा लालू को मिलेगा?
नीतीश कुमार से शरद यादव की नाराजगी का पूरा फायदा लालू प्रसाद यादव उठाना चाहते हैं। लालू प्रसाद ने शरद यादव को बीजेपी के खिलाफ आगे की लड़ाई की कमान संभालने का ऑफर दिया है। संकेत साफ है कि लालू 27 अगस्त की राजद की रैली से पहले नीतीश और एनडीए के खिलाफ एक माहौल बनाना चाहते हैं। लालू प्रसाद यादव की चाहते हैं कि उसके अगुवा शरद यादव बने।

असंतुष्टों पर टिकी हैं लालू की निगाहें
शरद यादव ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के फैसले के खिलाफ अपनी नाराजगी मीडिया में जाहिर कर दी है। लालू को शरद यादव की नाराजगी का फायदा भविष्य की राजनीति में दिख रहा है। महागठबंधन के टूटने के बाद से, जिस तरह लालू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ट्वीटर और सोशल मीडिया के जरिये राजनीति का खलनायक सिद्ध करने पर तुले हैं, वह एक बस बानगी भर है। लालू की निगाहें जदयू के उन असंतुष्टों पर टिकी हुई है, जो नीतीश के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

एनडीए के लिए मुश्किल खड़ी करना चाहते हैं लालू
लालू यादव ने शरद यादव को खुला ऑफर कर दिया है, दक्षिणपंथी तानाशाही के नाम पर लालू शरद को अपने पाले में लाना चाहते हैं। राजनीति के माहिर खिलाड़ी चुप बैठने वाले राजनीतिज्ञों में से नहीं हैं, इस बार लालू की प्लानिंग सही बैठी और नीतीश से नाराज टीम को उन्होंने अपने साथ कर लिया तो आने वाले दिनों में वो नीतीश कुमार और एनडीए दोनों के लिए मुसीबत खड़ी करेंगे। उधर एनडीए में रालोसपा और जीतन राम मांझी भी नाराज चल रहे हैं।












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