लद्दाख की स्थानीय अधिकारी का दावा- चीनी सैनिकों ने फिर की घुसपैठ, चरवाहों को भगाया
नई दिल्ली, 12 फरवरी: लद्दाख में एलएसी पर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर चीनी सैनिकों पर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने का आरोप लगा है। मामले में एक स्थानीय अधिकारी ने दावा किया कि चीनी सैनिकों ने 28 जनवरी को लद्दाख के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया और स्थानीय लोगों को वहां पर जानवरों को चराने से रोक दिया। इस घटना का एक छोटा वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। हालांकि सूत्र इसे पुराना वीडियो बता रहे हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक न्योमा के ब्लॉक डेवलपमेंट चेयरपर्सन उरगैन चोडोन ने दावा किया कि 28 जनवरी को एक घटना हुई, जब पीएलए के सैनिक भारतीय क्षेत्र में आए, उन्होंने हमारे क्षेत्र में घूम रहे चरवाहों को भगा दिया। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति और जानवर को नहीं पकड़ा। चोडोन पहले बीजेपी पार्षद भी थीं। उन्होंने एक वीडियो भी ट्वीट किया है।
चेयरपर्सन ने ट्वीट कर लिखा कि 28 जनवरी को पीएलए सेना हमारे क्षेत्र में आ गई और हमारे झुंडों को हमारे अपने क्षेत्र में नहीं चरने दिया। सुरक्षाबलों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन हमारा अपना चरवाहा अपनी आजीविका पाने के लिए अनिर्धारित सीमा पार कर गया। बाद में सेना ने उसे याक के साथ हमारे ही इलाके से पकड़ लिया और पुलिस स्टेशन भेज दिया। चोडोन के मुताबिक उन्होंने अपने ट्वीट में जिस दूसरी घटना का जिक्र किया है, वो 26 जनवरी की है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय खानाबदोश ने अपने 17 याक को वापस लाने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा पार की थी। वापस आते समय, उसे भारतीय सेना ने रोक लिया, बाद में सैनिक उसे पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन लेकर गए। वो खुद उस खानाबदोश को छुड़ाने गई थीं। उस दौरान आईबी वालों ने सेना को बताया कि वो हमारे देश का खानाबदोश है, लेकिन जवानों ने उसे पुलिस स्टेशन पर ही छोड़ दिया। वैसे इस घटना की पुष्टि रक्षा सूत्रों ने की, लेकिन उन्होंने कहा कि खानाबदोश के साथ याक नहीं मिला था। उस वक्त खानाबदोश का बयान उसकी हरकतों से मेल नहीं खा रहा था, जिस वजह से आईटीबीपी और सेना ने उसे पुलिस को सौंपा।












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