उत्तर प्रदेश में लैब टेक्नीशियन को 21 साल से अधिक समय से चल रहे कथित हमले के लिए गिरफ्तार किया गया
उत्तर प्रदेश के भदोही में 59 वर्षीय लैब टेक्नीशियन को शादी का झांसा देकर 21 साल से अधिक समय तक एक नर्स के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी चिंतामणि शर्मा को शुक्रवार को कोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी से गिरफ्तार किया गया।

यह मामला 36 वर्षीय नर्स से जुड़ा है, जिसने शर्मा के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सबीहा खातून की अदालत में याचिका दायर की थी। सीजेएम ने पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। सूर्यावा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार), 427 (शरारत) और 323 (चोट पहुंचाना) के तहत आरोप दर्ज किए गए।
आरोप और समयरेखा
भदोही पुलिस अधीक्षक (एसपी) मीनाक्षी कात्यायन के अनुसार, आरोपी शिकायतकर्ता के साथ एक ही अपार्टमेंट में रहता था। कथित तौर पर वह उस समय उसके करीब आया जब वह 15 वर्षीय छात्रा थी और अपने परिवार के साथ वाराणसी में रहती थी। पढ़ाई में मदद करने के बहाने उसने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया और सालों तक उसका यौन शोषण करता रहा।
शर्मा ने कथित तौर पर उससे शादी करने का वादा किया था, लेकिन शिकायतकर्ता के साथ अपने रिश्ते को जारी रखते हुए उसने चुपके से किसी और से शादी कर ली। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, नर्स ने एक अनुबंध नर्स के रूप में नौकरी कर ली और उसे एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात किया गया, जहाँ उसे एक क्वार्टर भी आवंटित किया गया था।
निरंतर शोषण
वाराणसी में तैनात शर्मा शिकायतकर्ता के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए भदोही आता था। जब उसने शादी की बात कही तो उसने कथित तौर पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया, उसे पीटा और उसके घर में तोड़फोड़ की। नर्स को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और जल्द ही उसका लिखित बयान कोर्ट में दर्ज किया जाएगा।
कानूनी कार्यवाही
नर्स द्वारा याचिका दायर करने के बाद सीजेएम सबीहा खातून के निर्देश के बाद गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने गुरुवार को मामला दर्ज किया, जिसके बाद शुक्रवार को शर्मा की गिरफ्तारी हुई। अधिकारियों द्वारा और सबूत और बयान एकत्र किए जाने तक कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
यह मामला झूठे बहाने से यौन शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित चल रहे मुद्दों को उजागर करता है। कानूनी कार्यवाही अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर परिणाम निर्धारित करेगी।












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