Telangana: केटीआर बोले- तेलंगाना की जनता फिर से BRS को देगी मौका, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पछाड़ेंगे
Telangana: बीआरएस नेता केटी रामराव ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर मेहनत करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि भारत राष्ट्र समिति के कार्यकर्ताओं को हिम्मत हारने की जरूरत नहीं है। आगामी चुनाव में एक बार फिर से मतदाता बीआरएस की ओर झुकेंगे और वोट देंगे। केटीआर ने दावा किया कि बीआरएस लोकसभा और नगर निगम चुनावों में बड़ी जीत हासिल करेगी।
उप्पल और मल्काजगिरी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की बैठकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीआरएस राज्य में आगामी संसदीय चुनावों और नगर निगम चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव कहा कि जिन लोगों ने पिछले विधानसभा चुनावों में किसी न किसी कारण से बीआरएस का समर्थन नहीं किया था, वे निश्चित रूप से एक बार फिर गुलाबी दुपट्टे की तलाश में वापस आएंगे।

पिछले हफ्ते रविवार को कहा कि उप्पल और मल्काजगिरी में केटीआर ने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठकें की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में जिन लोगों ने बीआरएस के लिए मतदान नहीं किया था वो फिर से पार्टी को वोट देंगे।
मल्काजगिरी में बीआरएस नेता ने कहा, "हम 2019 में मल्काजगिरी संसदीय क्षेत्र कुछ हजार वोटों के अंतर से हार गए। मल्काजगिरी के लिए पार्टी का उम्मीदवार जो भी हो, इस बार उसकी शानदार जीत सुनिश्चित की जानी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि केवल बीआरएस सांसद ही तेलंगाना के लोगों की आवाज संसद में उठा सकते हैं। न तो रेवंत रेड्डी जिन्होंने लोकसभा में मल्काजगिरी का प्रतिनिधित्व किया और न ही राज्य से कोई कांग्रेस या भाजपा सांसद संसद में राज्य के मुद्दों के लिए अपनी आवाज उठा सके या लड़ सके।
मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए रामा राव ने कहा कि जब मुख्यमंत्री बोलते हैं तो उनका लहजा और भाव बहुत मायने रखता है। लेकिन जिस तरह से वह एक मुख्यमंत्री के कद के अनुरूप नहीं थे, उससे लोगों को काफी निराशा हुई। उन्होंने कहा, उनके भाषण मुख्यमंत्री के रूप में उनकी स्थिति के अनुरूप होने चाहिए।
केटीआर ने कहा कि 70 लाख किसान रायथु बंधु सहायता के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। कांग्रेस सरकार वादे के मुताबिक रायथु बंधु को 14000 रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ाने में विफल रही। वह किसानों को 5000 रुपये प्रति एकड़ की दर से भी भुगतान नहीं कर सकी। बिजली आपूर्ति की समस्या भी एक बार फिर वापस आ गई। ऐसे में लोगों को फिर से बीआरएस शासन की याद आर रही है।












Click it and Unblock the Notifications