कोटखाई गैंगरेप: असली आरोपी तक पहुंचने के लिए CBI ने किया इनाम का ऐलान
शिमला। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने हिमाचल प्रदेश स्थित कोटखाई गैंगरेप मामले में 10 लाख रुपए केइनाम की घोषणा की है। CBI ने ऐलान किया है कि जो भी नाबालिग के साथ गैंगरेप और हत्या के असली कातिलों तक उनकी पहुंच बनाने में मददगार होगा उसे 10 लाख रुपए काइनाम दिया जाएगा। इससे पहले CBI ने दावा किया था कि वो 20 दिसंबर को कोटखाई के असली आरोपियों को बेनकाब कर देगी लेकिन जांच एजेंसी अब उस कड़ी को जोड़ने की जद्दोजहद में लगी है, जिसमें पुलिस के आईजी से लेकर एसपी तक अपराध करने को मजबूर हुए। वहीं इस केस के आरोपी सूरज की हवालात में हत्या के मामले में शिमला में 7 दिसंबर को आईजी जैदी समेत समेत अन्य पुलिसवालों को अदालत में पेश किया गया था।

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों की जुडिशियल कस्टडी 19 दिसंबर तक बढ़ा दी गई थी। सभी आरोपी 19 दिसंबर जुडिशियल कस्टडी में रहेंगे। CBI ने अदालत को बताया था कि उन्होंने प्रदेश सरकार से गिरफ्तार पुलिस अफसरों के खिलाफ ट्रायल चलाने की अनुमति मांगी थी जो अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में जांच एजेंसी को अभी और समय चाहिए। अदालत ने CBI की दलील को मान लिया और आईजी जहूर जैदी, शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी समेत सभी पुलिस कर्मियों की जुडिशियल कस्टडी बढ़ा दी है। वहीं आरोपी पुलिसवालों के वॉयस सैंपल पर भी 19 दिसंबर को ही सुनवाई होगी। CBI ने अदालत से मांगी है वॉयस सैंपल की अनुमति।
गौरतलब है कि कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस में CBI की पूछताछ का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में सूत्रों के अनुसार जांच एजैंसी ने बुधवार को भी कुछ लोगों से पूछताछ की। इनमें कुछ मजदूर भी शामिल बताए जा रहे हैं। बीते दिन ही मामले की जांच के तहत CBI टीम ने हलाईला में बने उद्यान विभाग के निर्माण भवन में काम करने वाले बिहार के एक ठेकेदार से लंबी पूछताछ की थी। CBI ने लोक निर्माण विभाग के मजदूरों के अलावा कुछ स्थानीय लोगों को भी पूछताछ के लिए वन विभाग के रैस्ट हाऊस में बुलाया था।












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