भीमा कोरेगांव: एक्टिविस्ट गौतम नवलखा के हाउस अरेस्ट को हाईकोर्ट ने किया खत्म
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को भीम कोरेगांव मामले में नजरबंद सोशल एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को हाउस अरेस्ट से रिहा कर दिया है। इसके बात ही गौतम नवलखा की ट्रांजिट रिमांड संबंधी फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज किया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने नवलखा की नजरबंदी खत्म करते हुए कहा कि उनकी हिरासत 24 घंटे को पार कर गई और इसकी इजाजत नहीं है पुणे पुलिस ने पिछले महीने दिल्ली में नवलखा को कई शहरों में खोज के बाद गिरफ्तार कर लिया था।

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा गौतम नवलखा की ट्रांजिट रिमांड खारिज करने पर खुशी जाहिर करते हुए ऐक्टिविस्ट सेभा हुसैन ने कहा कि, बहुत खुश हूं क्योंकि 35 दिनों तक वो बाहर नहीं निकले हैं। यह राजनीतिक लड़ाई है और यह एक छोटी सी जीत है। बड़ी जीत अभी बाकी है क्योंकि कई अन्य अभी भी घर नजरबंद हैं या पुणे जेल में हैं।
इसके पहले साकेत कोर्ट ने पुणे पुलिस को नवलखा को साथ ले जाने की मंजूरी दे दी थी। हालांकि बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टे लगा दी थी। बता दें कि, दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है जिसमें नवलखा और चार अन्य लोगों को कोर्ट ने चार सप्ताहों के लिए और नजरबंद रखने का आदेश दिया था।
बता दें, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव मामले में सभी कार्यकर्ताओं वरवर राव, अरुण फरेरा, वरनॉन गोंजाल्विस, सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा की नजरबंदी अगले चार हफ्ते के लिए बढ़ा दी थी। ये सभी पिछले 29 अगस्त से अपने घरों में नजरबंद हैं।












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