Kolkata Warehouse हादसे पर सुवेंदु अधिकारी का तल्ख रुख, KMC का नक्शा-SMP पोर्ट की जमीन पर किया बड़ा खुलासा!
Kolkata Warehouse Collapse: पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर बन रहा तीन मंजिला गोदाम अचानक ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव एजेंसियों को तुरंत मौके पर भेजा गया।
पुलिस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन दल, सेना और अन्य एजेंसियां लगातार बचाव अभियान में जुटी हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 10 लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि आशंका है कि अभी भी कई लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। मौके पर भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है।

मंजूरी, जमीन और लीजधारक को लेकर सामने आई जानकारी
हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना को लेकर अहम जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि कोलकाता नगर निगम (KMC) से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार इस भवन के निर्माण का नक्शा 17 जनवरी 2026 को मंजूर किया गया था।
उन्होंने बताया कि जिस जमीन पर गोदाम का निर्माण हो रहा था, उसका मालिकाना हक श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट अथॉरिटी (SMPA) के पास है। वहीं इस जमीन के लीजधारक संभूनाथ बेहरा हैं, जो बेहरा ब्रदर्स फर्म के साझेदार बताए जा रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हादसे के पीछे की वजहों और संभावित जिम्मेदारियों की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुवार को वह इस मामले में की जाने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी देंगे।
Kolkata, West Bengal: On the collapse of an under-construction godown shed in Taratala,CM Suvendu Adhikari says, "As per the preliminary information received from the KMC, the building plan was approved on 17.01.2026. The owner of the land is SMPA, and the leaseholder is… pic.twitter.com/K4AcyBGDIO
— IANS (@ians_india) June 24, 2026
दोपहर में हुआ हादसा
कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि तारातला के ब्रेस ब्रिज के पास स्थित ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर यह हादसा दोपहर के आसपास हुआ। गोदाम की छत अचानक गिर गई, जिससे पूरा ढांचा भरभराकर नीचे आ गया। घटना के समय निर्माण कार्य चल रहा था और कई मजदूर साइट पर मौजूद थे। इसी वजह से मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका बढ़ गई है।
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देखते ही देखते ढह गई पूरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोदाम के भूतल पर निर्माण गतिविधियां चल रही थीं। वहीं पहली और दूसरी मंजिल का आरसीसी ढांचा पहले ही तैयार हो चुका था। अचानक तेज आवाज के साथ लोहे के बड़े-बड़े गर्डर और कंक्रीट के हिस्से नीचे गिरने लगे। कुछ ही सेकंड में पूरी संरचना धराशायी हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के बाद मलबे के नीचे से मदद के लिए चीखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं।
युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू
मौके पर कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और अन्य बचाव दलों को तैनात किया गया है। राहत कार्य को तेज करने के लिए भारी क्रेन और लोहे के ढांचे उठाने वाली मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सेना के जवान भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं। मलबे के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए गैस कटर से लोहे की मोटी बीम काटी जा रही हैं। वहीं कुछ जगहों पर ऊपर से ड्रिलिंग करके रास्ता बनाया जा रहा है।
आवाजों के सहारे तलाश
कोलकाता पुलिस के आपदा प्रबंधन दल के एक सदस्य ने बताया कि बचावकर्मी मलबे के नीचे से आ रही आवाजों के आधार पर लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों को लगातार भरोसा दिलाया जा रहा है कि उन्हें जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
निर्माण सामग्री पर उठे सवाल
फायर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब छत की ढलाई का काम चल रहा था। अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि गोदाम के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। हालांकि इस दावे की अभी आधिकारिक जांच नहीं हुई है।
अवैध निर्माण के भी आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य हो रहे थे। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कई निर्माण गतिविधियां नियमों के अनुसार नहीं की जा रही थीं। हादसे के बाद इन आरोपों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
जांच के आदेश, मंत्री पहुंचे मौके पर
राज्य सरकार ने घटना की जांच कराने का संकेत दिया है। मंत्री इंद्रनील खान ने कहा कि हादसे की वजहों और किसी तरह की अनियमितता की जांच जरूर की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचाना है।
शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडे भी घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव अभियान का जायजा लिया। भाजपा नेता राकेश सिंह भी सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले नेताओं में शामिल रहे।
कंट्रोल रूम नंबर जारी
घटना के बाद राज्य सचिवालय में आपदा प्रबंधन समूह का कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070, 8697981070, 033-22143526 और 033-22535185 जारी किए हैं, ताकि प्रभावित परिवार जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकें।
SMP पोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत भेजी मदद
हादसे के बाद राज्य सरकार की सहायता के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट अथॉरिटी (SMPA) ने तुरंत अपने संसाधन घटनास्थल पर भेज दिए। एसएमपीए की ओर से मलबा हटाने और बचाव कार्य के लिए क्रेन तैनात की गई हैं। इसके अलावा गैस कटर सेट और एसएमपीए फायर ब्रिगेड की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं। घायलों को तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पोर्ट अथॉरिटी की एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को भी घटनास्थल पर भेजा गया। वहीं एस्टेट डिवीजन और पोर्ट सिक्योरिटी की टीमें सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बनाने में जुटी हुई हैं।
एसएमपी कोलकाता के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) संजय कुमार मुखर्जी ने बताया कि पोर्ट अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं और बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य आगे बढ़ने के साथ स्थिति से जुड़ी नई जानकारी साझा की जाएगी। यह संस्करण आपके दिए गए आधिकारिक बयान की सभी महत्वपूर्ण बातें कवर करता है और खबर को अधिक मजबूत बनाता है।
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