कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा, नहीं बदल सकते सरकार की पॉलिसी
कोलकाता हाईकोर्ट ने नोटबंदी के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया है।
कोलकाता। सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के खिलाफ कोलकाता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। अब कोलकाता हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया है।

कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा है वह सरकार की पॉलिसी को नहीं बदल सकते, लेकिन बैंक कर्मचारियों द्वारा की जा रही लापरवाही को स्वीकारा है।
हाईकोर्ट ने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस फैसले को लागू करने से पहले सही से योजना नहीं बनाई। केन्द्र सरकार रोज अपनी प्रक्रिया में बदलाव कर रही है, इसका मतलब है कि उन्होंने पहले इस पर सही से प्लान नहीं बनाया।
सरकार ने बंद किए हैं नोट
मोदी सरकार ने 9 नवंबर से ही 500 और 1000 रुपए के नोट बंद कर दिए हैं। इसकी जगह पर 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए हैं। सरकार द्वारा की गई इस नोटबंदी के खिलाफ कोलकाता हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया गया था। इस मुकदमे पर सरकार ने सुनवाई करते हुए आज अपना फैसला सुनाया है।
बैंकों में हो रही है लापरवाही
बैंकों में लापरवाही देखने को मिल रही है। इन दिनों बैंक में लगने वाली कतारों को कम करने के उद्देश्य से लोगों की उंगली पर स्याही लगाने का आदेश दिया गया है, लेकिन देखा जा रहा है कि बैंकों में आने वाले लोगों की किसी भी उंगली पर स्याही लगा दी जा रही है।
चुनाव आयोग ने दिए सावधानी बरते के निर्देश
चुनाव आयोग ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वह लोगों की उंगली में स्याही लगाते समय सावधानी बरतें और लोगों की सिर्फ दाएं हाथ की उंगली पर ही स्याही लगाएं। आपको बता दें कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश और पंजाब में चुनाव होने हैं और चुनाव में लोगों के बाएं हाथ की उंगली पर निशान लगाया जाता है।
ऐसे में चुनाव आयोग ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा लोगों की उंगली में स्याही लगाने के फैसले से उन दोनों प्रदेशों में होने वाले चुनाव में कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए।












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