'प्लीज हमें वार्ड में छिपा लीजिए', जब पुलिस ने मांगी मदद, नर्स ने बताई कोलकाता अस्पताल के हमले की आपबीती
Kolkata Doctor case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 31 साल की जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और हत्याकांड के मामले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 15 अगस्त की सुबह भयावह दृश्य देखने को मिला। 14 अगस्त की रात को नर्सों और पुलिस अधिकारियों को सैकड़ों की भीड़ ने घेर लिया था। भीड़ ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने ना सिर्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचाया बल्कि कर्मचारियों के बीच डर का माहौल भी पैदा कर दिया है।
ये भीड़ इतनी तीव्र थी कि ये कुछ भी कर सकते थे। इंडिया टुडे के मुताबिक, इस उत्पात के बीच फंसी एक नर्स ने कहा कि उग्र भीड़ के सामने पुलिसकर्मियों की संख्या बहुत कम थी। नर्स ने बताया, "भीड़ के सामने पुलिसवालों की संख्या इतनी कम थी कि वो हमसे सुरक्षा मांग रहे थे। ड्यूटी पर मौजूद दो अधिकारियों ने कहा कि प्लीज हमें अपने वार्ड में छिपा लें।"

कोलकाता आरजी कर मेडिकल अस्पताल में हमले का मंजर
नर्स ने कहा, ''भीड़ का गुस्सा सेमिनार रूम को लेकर था। जहां क्राइम को अंजाम दिया गया था, जहां ट्रेनी डॉक्टर की हत्या की गई थी। भीड़ सेमिनार रूम में घुसना चाहते थे। उनका मुख्य लक्ष्य यही था'' हालांकि कोलकाता पुलिस ने यह भी कहा कि सेमिनार रूम सुरक्षित है और उसे छुआ तक नहीं गया है।
उन्होंने कहा, "उन्होंने (भीड़) तीसरी मंजिल में घुसने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं घुस पाए। उन्होंने दूसरी मंजिल को बर्बाद कर दिया... हो सकता है कि उन्हें लगा हो कि यह वही मंजिल है, जहां अपराध हुआ था।"
अस्पताल में नर्स डर से रो रही थीं, एक ने कहा- हमें लगा आज हमारा आखिरी दिन है
एक नर्स ने कहा, "हम नीचे गए और हम बहुत डरे हुए थे... हमने देखा कि हमले के कारण हमारी जूनियर और सीनियर नर्सें डर के मारे रो रही थीं।"
एक अन्य नर्स ने कहा, ''हो सकता है कि कल दुर्व्यवहार का एक और मामला हुआ हो। हम सभी रोते हुए परिसर से बाहर निकले। यह हमारे लिए एक भयावह अनुभव था।''
एक अन्य नर्स ने कहा, ''मैं अपनी सुरक्षा कों लेकर डर गई थी। हमें लगा कि हमें कभी भी जान से मार दिया जाएगा। हमें लगा आज हमारा आखिरी दिन है।'' अस्पताल के कर्मचारियों ने गुरुवार सुबह बर्बरता का विरोध किया और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। एक नर्स ने कहा, "अस्पताल के अंदर इस तरह की गुंडागर्दी अस्वीकार्य है।"
पूरे मामले पर पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने कहा कि उन्होंने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे एक पुलिस वाहन और कई मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। कुछ अधिकारी घायल हो गए।
भीड़ ने आपातकालीन वार्ड, नर्सिंग स्टेशन, दवा की दुकान और बाह्य रोगी विभाग में तोड़फोड़ की, साथ ही सीसीटीवी कैमरे और एक मंच को भी नष्ट कर दिया, जहां जूनियर डॉक्टर डॉक्टर के बलात्कार और हत्या का विरोध कर रहे थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि कल रात की तबाही के बाद अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई है।












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