ऐसा हो सकता है 2019 जीतने का प्लान, पीएम मोदी के इशारे को समझिए

पूर्वी यूपी, बिहार और झारखंड को भी पूर्वी भारत का हिस्सा बताकर पीएम मोदी ने इसे 'हिन्दी हार्टलैंड' से अलग पहचान देने की कोशिश की

नई दिल्ली। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र एक तरफ जहां कांग्रेस विपक्ष को एकजुट करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर तीसरा मोर्चा यानी 'थर्ड फ्रंट' की कवायद भी तेज हो रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2019 का जंग जीतने की रणनीति कैसी होगी ये बात भी सामने आई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को न्यूज़18 राइजिंग इंडिया समिट में 2019 के चुनावों को लेकर अपनी तैयारी का संकेत दिया। पीएम मोदी ने इस दौरान पिछले 46 महीनों में पूर्वी भारत के लिए चलाई गई योजनाओं का जिक्र किया। साथ ही इशारा दिया कि अगले लोकसभा चुनाव में सरकार का जोर इस क्षेत्र पर ज्यादा रहेगा। अपने भाषण में पीएम मोदी ने पूर्वी भारत के विकास के लिए उनकी सरकार 'एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट' नीति पर जोर दिया।

'पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर पूर्व के राज्यों से होगी भरपाई'

'पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर पूर्व के राज्यों से होगी भरपाई'

बीजेपी पूर्वी भारत में पूरी तरह पैर पसार चुकी है। बीजेपी ने हाल ही में त्रिपुरा में शानदार जीत हासिल की, वहीं नगालैंड और मेघालय में भी वह सरकार बनाने में सफल रही। पीएम मोदी ने हालांकि अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी पर बात करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि यहां बस उत्तर-पूर्वी भारत पर नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा पर भी उनका जोर है। 2019 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष से कड़ी टक्कर मिलने की बात कही जा रही है। ऐसे में पीएम मोदी का जोर इस बात पर है कि अगले 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें पूर्वी यूपी, बिहार और झारखंड में कोई नुकसान होता है तो उसकी भरपाई पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर पूर्व के राज्यों से की जा सके।

'हिन्दी हार्टलैंड' से अलग पहचान देने की कोशिश की

'हिन्दी हार्टलैंड' से अलग पहचान देने की कोशिश की

पूर्वी यूपी, बिहार और झारखंड को भी पूर्वी भारत का हिस्सा बताकर पीएम मोदी ने इसे 'हिन्दी हार्टलैंड' से अलग पहचान देने की कोशिश की। पीएम मोदी के इस पूर्वी भारत में बीजेपी का मुकाबला कांग्रेस या फिर कहें कि विपक्ष गठबंधन से होगा। पीएम मोदी ने अपनी इस रणनीति को 'वोटों के फायदे' की जगह 'भावनात्मक जुड़ाव' की संज्ञा दी। अपने भाषण में उन्होंने क्षेत्र में अपनी सरकार की तरफ से शुरू की गई योजनाओं का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में अंत में दो I का जिक्र किया, जिसका मतलब से उन्होंने 'अलगाव से एकीकरण' बताया।

 2022 का पूरा विजन पेश किया

2022 का पूरा विजन पेश किया

समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 का पूरा विजन पेश किया। उन्होंने साफ किया कि अलगे चार सालों में वो देश की तस्वीर बदलना चाहते हैं। मोदी के मुताबिक देश के सवा सौ करोड़ लोगों की इच्छाशक्ति से ही आज न्यू इंडिया का सपना साकार हो रहा है। मोदी ने साफ कर दिया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद और कालेधन के मुद्दे को उठाता रहेगा। वहीं उन्होंने कहा कि 115 जिलों को चिह्नित कर उनका ख़ासतौर पर विकास किया जाएगा। वहीं स्थानीय मुद्दों और समस्याओं को सुलझाने के लिए ख़ास उपाए किए जा रहे हैं। मोदी ने कहा कि साक्षरता, कुपोषण और लिंग असंतुलन जैसे मुद्दों पर ख़ास ध्यान दिया जा रहा है।

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