देश की ग्रीन इकोनॉमी के विकास में ऐसे काम आएगा रीवा सोलर पार्क, दिल्ली मेट्रो को भी मिलेगी बिजली
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्य प्रदेश के रीवा में स्थापित 750 मेगावाट की सौर परियोजना राष्ट्र को समर्पित की है। ये परियोजना सरकार के साल 2022 तक 175 गीगावाट ऊर्जा उत्पन्न करने के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य को गति प्रदान करेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि आज रीवा ने वाकई इतिहास रच दिया है। अब इसमें एशिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट का नाम भी जुड़ गया है। इस सोलर प्लांट से मध्य प्रदेश के लोगों को, उद्योगों को तो बिजली मिलेगी ही, दिल्ली में मेट्रो रेल तक को इसका लाभ मिलेगा।

परियोजना से जुड़ी मुख्य बातें-
- इस परियोजना के तहत 250-250 मेगावाट क्षमता की तीन यूनिट स्थापित की गई हैं, जो एक सोलर पार्क के अंदर 500-500 हेक्टेयर भूमि (कुल क्षेत्र 1500 हेक्टेयर) पर स्थित हैं।
- इस सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा विकसित किया गया है। ये मध्य प्रदेश उर्जा विकास निगम लिमिटेड (एमपीयूवीएन) और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की ईकाई सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) की संयुक्त उद्यम कंपनी है।
- रीवा सौर परियोजना ग्रिड समता अवरोध को तोड़ने वाली देश की पहली सौर परियोजना है।
- इस सौर परियोजना से हर साल 15.7 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उर्त्सजन को रोका जा सकेगा।
- रीवा परियोजना को नवाचार और उत्कृष्टता के लिए विश्व बैंक ग्रुप प्रेजिडेंट पुरस्कार भी मिला है और इसे प्रधानमंत्री की "अ बुक ऑफ इनोवेशन: बिग बिगनिंग्स" में शामिल किया गया है।
- परियोजना के कुल उत्पादन की 24 फीसदी बिजली दिल्ली मेट्रो को मिलेगी। इसके अलावा बाकी बची 76 फीसदी बिजली राज्य की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को दी जाएगी।
- ये परियोजना साल 2022 तक 100 गीगावाट सौर स्थापित क्षमता के साथ सरकार के 175 गीगावाट की स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक उदाहरण है।
- रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) को सौर पार्क के विकास के लिए 138 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय मदद मिली है। इसके विकसित होने के बाद यहां तीन और यूनिट का निर्माण होगा। जिसके लिए आरयूएमएसएल ने महिंद्रा रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड, एसीएमई जयपुर सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड और आरिन्सन क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को चुना है।
- इस परियोजना में 25 साल की अवधि के लिए 3.30 रुपये प्रति यूनिट की दर निर्धारित की गई है।












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