जानें क्या है प्रधानमंत्री जनधन योजना और कितनी है सफल?
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र की सत्ता संभालने के बाद 15 अगस्त 2014 को देश के नागरिकों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की। योजना का नाम प्रधानमंत्री जनधन योजना रखा गया। 28 अगस्त 2014 को इस योजना का शुभारंभ किया गया। पीएम की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक जन धन योजना को सरकार सफर बताती रही है। इस योजना के तहत अब तक 31.95 करोड़ लाभार्थियों ने बैंको में धनराशि जमा की है। वहीं लाभार्थियों के खाते में 78,952.09 करोड़ रुपये की धनराशि जमा की है। इस योजना के तहत उप सेवा क्षेत्रों में 1.26 लाख बैंक मित्र शाखा रहित बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रहे हैं | हाल ही में मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर सरकार ने जनधन योजना को महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर पेश किया। इस योजना का मुख्य लक्ष्य देश में फाइनेंशियल इनक्लूजन लाना है। सरकार की कोशिश है कि जन धन योजना के तहत वो लोगों को नए बैंक खातें खोलने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा सके। आइए इस योजना के बारे में विस्तार से जाने....

क्या है प्रधानमंत्री जन धन योजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरूआत की। इसे एक राष्ट्रीय मिशन के तौर पर सुरू किया गया, जिसका मकसद लोगों को बैंकिंग, बचत और जमा खाता जैसी वित्तीय सेवाएं देना हैं। पीएम मोदी अप नी इस योजना के जरिए देश के उस आबादी को बैंकिंग सेक्टर से जोड़ना चाहते हैं जो बैंकिंग से दूर थी। इस योजना के जरिए उन्हें अर्थव्यवस्था से सीधे तौर पर जोड़ने का मकसद है। लोगों को सबल और आत्मनिर्भर बनाना है। जीरो बैलेंस पर खुलने वाले इस खाते में लोगों को एक लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाता है। इस योजना के अंतर्गत 30,000 रुपए का जीवन बीमा पॉलिसी धारक की मौत होने पर उसके नॉमिनी को दिया जाता है।

क्या है जन धन खाता में खास
- जन धन खाता के लिए मिनिमम बैलेंस की जरूरत नहीं ।
- जन धन खाता को जीरो बैलेंस पर खोला जा सकता है।
- इस योजना के तहत खाताधारक बैंक से कर्ज भी ले सकता है।
- खाता खुलने के 6 महीने बाद बैंक से 5000 तक का लोन ले सकते हैं।
- जन धन योजना के तहत खाता खोलने वाले को रुपे डेबिट कार्ड भी दिया जाता है, है जिसे आप एटीएम की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
- इस योजना के अंतर्गत अधिकाधिक परिवार के दो लोग ज़ीरो बैलेन्स खाता खोल सकते हैं।
- इस जन धन खाते में पैसे निकालने, जमा करना, फंड ट्रांसफर करना, मोबाइल बैंकिंग की सुविधा सब फ्री है।यहां पढ़ें विस्तार से

कौन-कौन खोल सकता है जन धन खाता
देश का कोई भी नागरिक जन धन योजना के तहत बैंकों में अपना खाता खुलवा सकता है। इस योजना के तहत 10 साल से छोटे बच्चे का खाता भी खोला जा सकता है। जिस के पास भी सरकारी अधिकारी द्वारा सत्यापित आइडेंटिटी प्रूफ है वह खाता खोल सकता है। अगर आपके पास निश्चित दस्तावेज हैं तो आप आसानी से जन धन खाता खोल सकते हैं। आपको पूरी जानकारी के साथ बैंक द्वारा दिए गए फॉर्म को भरना होगा, जिसमें आवेदक की पूरी जानकारी, आवेदक का पूरा नाम ,वैवाहिक स्थिति, पता और पिन कोड, फोन,आधार नंबर, मनरेगा जॉब कार्ड नंबर व्यवसाय/रोजगार और वार्षिक आय व आश्रितों की संख्या और पहले से बैंक खाते की जानकारी भरनी होगी।जन धन खाता के फॉर्म के लिए यहां क्लिक करें

कैसे खोलें जन धन खाता ?
जन धन योजना के तहत खाता खोलने के लिए आपको अधिकृत बैंकों में जाकर या बैंक में बैंक मित्र या अधिकृत संस्था से संपर्क करना होगा। बैंक आपको खाता खोलने का फॉर्म दे देगा। जिसे आपको सावधानी से भरना होगा। आपको फॉर्म में मांगे गए सभी दस्तावेज देने होंगे। आईडी प्रूफ के साथ में आपको यह फॉर्म जमा करवाना होगा। अगर आपके पास आधार कार्ड है तो आपको जन धन खाता खोलने के लिए किसी भी अन्य दस्तावेज़ देने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यदि आधार कार्ड नहीं है तो आप ये दस्तावेज़ भी देने होंगे।
वोटर कार्ड
ड्राइविंग लाइसेन्स
पासपोर्ट
नरेगा कार्ड (महात्मा गांधी ग्रामीण टोजगार गारंटी अधिनियम)

सरकारी बैंकों की ज्यादा भूमिका
प्रधानमंत्री जनधन योजना में पब्लिक सेक्टर बैंकों ने निजी बैंकों की तुलना में अधिक योगदान किया है। मई 2018 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो पब्लिक सेक्टर बैंकों नें कुल 25.53 करोड़ खाते खोले हैं, जबकि प्राईवेट बैंकों ने महज 0.99 करोड़ खाते ही खोले हैं। सरकारी बैंकों में इलाहाबाद बैंक, सेन्ट्रल बैंक और एसबीआई ने सबसे ज्यादा जन धन खाते खोले हैं। इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों को मिला है। बिहार, मध्य प्रदेश, आन्ध्रप्रदेश राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जन धन धन योजना के सबसे ज्यादा फायदा मिला। मई 2018 तक बिहार में कुल 34,222,382 खाते खुलें, जिसमें 7420.67 करोड़ रुपए जमा हैं। वहीं मध्य प्रदेश में कुल 27,499,980 नए खाते खोले गए, जिसमें 3825.76 करोड़ रुपए जमा किए गए। आन्ध्र प्रदेश में कुल 90,30943 नए खाते खोले गए,जिसमें 1549.32 करोड़ रुपए जमा हैं। वहीं राजस्थान में 24,451,952 नए खाते खोले गए।
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