600 करोड़ के मिशन पर थी समुद्र में पकड़ी गई पाकिस्तानी नाव
पोरबंदर। गुजरात के पास अरब सागर में समुद्री सीमा पर पकड़ी गई पाकिस्तानी नाव 600 करोड़ के मिशन पर थी। इसका खुलासा भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने मंगलवार को किया। इस नाव में 8 स्मगलर सवार थे, जिनके पास से हीरोइन के 232 पैकेट बरामद हुए हैं।
गिरफ्तार किये गये स्मगलरों से पूछताछ में पता चला है कि उनका मकसद भारत के अलग-अलग शहरों में ड्रग्स बेचकर कमाई करने का था। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इन 232 पैकटों की कीमत 600 करोड़ रुपए है। इनमें करीब 100 किलोग्राम हीरोइन थी। इस बात का भी खुलासा हुआ है कि इस ड्रग्स रैकेट का संचालन पाकिस्तान में बैठे माफिया कर रहे थे। नौसेना ने इन स्मगलरों की पहचान नहीं बतायी है।
26/11 की तर्ज पर मिशन ड्रग्स
गिरोह के इन 8 सदस्यों को ठीक वैसे ही तैयार किया गया था, जैसे कि 26/11 हमलों के दौरान आतंकियों को तैयार कर भारत भेजा गया था। बस फर्क इतना था कि वे आतंकी अपने साथ गोला-बारूद और एके-47 राइफलें लेकर आये थे और ये ड्रग्स। इनके पास से एक सेटेलाइट फोन भी बरामद किया गया है। [INS विक्रमादित्य बनेगा समुद्र में दुश्मनों के लिए सबसे बड़ा खतरा]
जिस वक्त समुद्र में यह नाव थी, उस वक्त पूरे समय उसका कंट्रोल पाकिस्तान से हो रहा था। सारे निर्देश पाकिस्तान से आ रहे थे।
खुफिया विभाग से इस बोट के बारे में सूचना शनिवार को ही मिल गई थी, जिसके आधार पर उसी वक्त ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। और अंतत: सोमवार की रात नाव को झकाउ और पोरबंदर के बीच पकड़ी गई। अधिकारियों की मानें तो इस ड्रग्स रैकेट के तार डी-कंपनी यानी दाऊद की कंपनी से जुड़े हुए हैं।
संग्राम ने पकड़ी नाव
वनइंडिया से बातचीत में नेवल कमांडंट आईजे सिंह ने कहा कि मंगलवार शाम तक इस नाव के बारे में और जानकारियां दे दी जायेंगी। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में सबसे बड़ी भूमिका भारतीय नौसेना के जहाज 'संग्राम' ने निभाई। उसके साथ आईएन जहाज निरघट और कोंडुल भी थे। यही नहीं नौसेना के दो डोनियर विमानों ने भी नाव को पकड़ने में मदद की।













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