इतनी टाइट सिक्योरिटी के बीच में रहती हैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, फिर कैसे हुआ उनपर हमला?

इतनी टाइट सिक्योरिटी के बीच में रहती हैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, फिर कैसे हुआ उनपर हमला?

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार (10 मार्च) को आरोप लगाया है कि नंदीग्राम में चार-पांच लोगों ने उन पर हमला किया। ममता बनर्जी फिलहाल कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हैं। ममता बनर्जी के पैर, कंधे और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। ममता बनर्जी का दावा है कि उनपर हमला हुआ है। लेकिन हादसे के चश्मदीदों में से एक चितरंजन दास ने कहा है कि सीएम ममता अपने कार में बैठी हुई थीं, कार का दरवाजा खुला था, एक पोस्टर से टकराकर कार का दरवाजा बंद हो गया। किसी ने भी दरवाजे को धक्का नहीं दिया। अब इस कथित हमले को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, पहला सवाल कि जब सीएम चुनाव प्रचार कर रही थीं तो सुरक्षा के इतंजाम पुख्ता क्यों नहीं थे? दूसरा सवाल ये जब ममता बनर्जी की खुद की सिक्योरिटी इतनी टाइट है तो उनके इतने पास जाकर किसी ने उनको धक्का कैसे दिया। तीसरा सवाल, अगर सीएम ममता बनर्जी के दावे सही हैं तो फिर चश्मदीदों के बयानों से क्या समझा जाए?

कैसी है पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की सुरक्षा?

कैसी है पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की सुरक्षा?

मुख्यमंत्री और उनके स्वयं के प्रोटोकॉल के लिए हर राज्य का अपनी सुरक्षा व्यवस्था होती है। मुख्यमंत्रियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी मिलते हैं, जिनकी अध्यक्षता एसपी रैंक के अधिकारी करते हैं। एक डीएसपी या एसपी हमेशा उनके साथ यात्रा करते हैं।

ममता बनर्जी की सुरक्षा की बात करें तो उनपर हमला करना किसी के लिए मुमकिन प्रतीत नहीं होता है। ममता बनर्जी के लिए दो क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) है। जिसमें हर टीम में 5 सुरक्षाकर्मी होते हैं। जो एक परछाई की तरह सीएम के साथ चलते हैं। इसके अलावा सीएम ममता बनर्जी जहां भी जाती हैं एक वरिष्ठ अधिकारी, जो आईजी या डीआईजी रैंक का होता है, हमेशा उनकी सुरक्षा के लिए मौके पर मौजूद होते हैं।

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    ममता बनर्जी पर हमला करना मुमकिन नहीं

    ममता बनर्जी पर हमला करना मुमकिन नहीं

    पश्चिम बंगाल में, विशेष शाखा (SB) मुख्यमंत्री की सुरक्षा का काम देखती है और इसका नेतृत्व एक अतिरिक्त डीजी रैंक के अधिकारी द्वारा किया जाता है। राज्य में मुख्यमंत्री की ऐसी यात्राओं से पहले एडवांस सिक्योरिटी लाइजन भी किया जाता है। सभी सुरक्षा से संबंधित बिंदु, सुरक्षित घर, आकस्मिक अस्पताल, आकस्मिकता ड्रिल पर चर्चा की जाती है और पहले से अच्छी तरह से पूर्वाभ्यास किया जाता है।

    इस वजह से ऐसा मुमकिन नहीं है कि कोई ममता बनर्जी के करीब पहुंचकर उनपर हमला कर दे। बता दें कि साल 2018 में एक रिपोर्ट के मुताबिक ममता बनर्जी की जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा के चौथे चरण (डी जोन) को और भी मजबूत किया गया था। इस जोन में सीएम की पर्सनल सिक्यॉरिटी सहित 150 पुलिसकर्मी हमेशा तैनात रहते हैं।

    क्या हो सकती है ममता बनर्जी की सुरक्षा में चूक?

    क्या हो सकती है ममता बनर्जी की सुरक्षा में चूक?

    ममता बनर्जी के पास हर समय एक उचित सीपीटी, सीएम सुरक्षा विंग और विशेष शाखा सुरक्षाकर्मी होते हैं। विशेष शाखा की अग्रिम तैनाती उसकी सभी यात्राओं के लिए की जाती है। सूत्र बताते हैं कि यह संभव नहीं है कि कोई व्यक्ति ममता बनर्जी के करीब आ सकता है और उस पर हमला कर सकता है। हालांकि ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि जब उनको धक्का दिया गया तो वहां राज्य पुलिस के जवान मौजूद नहीं थे।

    बीजेपी नेता शीलभद्र दत्ता ने कहा है कि ममता बनर्जी के पास को उनकी सरकार में गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है। उनके पास सीएम की पूरी सुरक्षा है। फिर उन पर हमले की बात उन्हीं की प्रशासन व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है।

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