दिल्ली में आज से 'किसान संसद' की इजाजत, सिर्फ 200 लोगों को जाने की अनुमति
नई दिल्ली, 21 जुलाई: किसान आंदोलन को 8 महीने का वक्त हो गया है। हाल ही में संसद के मानसून सत्र को देखते हुए किसानों ने भी दिल्ली में 'किसान संसद' चलाने का आह्वान किया था। किसान संगठन शांतिपूर्वक प्रदर्शन का वादा तो कर रहे थे, लेकिन 26 जनवरी को हुई हिंसा को देखते हुए उन पर पुलिस को विश्वास नहीं था। हालांकि बुधवार शाम किसान नेताओं और पुलिस अधिकारियों में सहमति बन गई। ऐसे में अब किसान गुरुवार से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर सकेंगे।

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किसान संसद की इजाजत के लिए बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने पुलिस अधिकारियों से बात की। इस दौरान तय नियमों के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत दी गई। मामले में युद्धवीर सिंह ने बताया कि उनकी इस खास संसद का वक्त रोजाना सुबह 11 बजे से 5 बजे तक तय किया गया है। इसमें हर संगठन से सिर्फ 5 ही लोग शामिल होंगे, जिनकी पहचान पहले ही कर ली जाएगी। इसके अलावा किसी को भी इसमें आने की इजाजत नहीं होगी।
उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली से लगते सभी बॉर्डर जहां-जहां प्रदर्शन हो रहे, वहां से सुबह 8 बजे किसान सिंघु बॉर्डर के लिए निकलेंगे। फिर सिंघु से 5 बसों में भरकर 10 बजे के आसपास सभी जंतर-मंतर के लिए रवाना होंगे। इन बसों के अलावा कोई भी वाहन किसानों के साथ नहीं जाएगा। वहीं आगे-पीछे पुलिस की गाड़ियां रहेंगी, ताकि कोई दिक्कत रास्ते में ना हो। इसके बाद 11 बजे के आसपास किसान जंतर-मंतर पहुंचकर किसान संसद को शुरू करेंगे। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जाएगा।
युद्धवीर के मुताबिक 40 किसान संगठनों से 5-5 लोग आएंगे, ऐसे में कुल प्रदर्शनकारियों की संख्या 200 ही होगी। हर पांच सदस्यीय टीम में एक मॉनिटर होगा, जो ये सुनिश्चित करेगा कि किसी तरह की गड़बड़ी ना हो। अगर 26 जनवरी की तरह कोई उपद्रव हुआ तो मॉनिटर ही जिम्मेदार होगा। इसके अलावा दिल्ली पुलिस भी सीसीटीवी के जरिए जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शनस्थल को मॉनिटर करेगी।












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