Parliament: 'कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो देश बेच सके', राहुल गांधी के आरोप पर किरेन रिजिजू का करारा पलटवार
Kiren Rijiju vs Rahul Gandhi Lok Sabha: लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राहुल गांधी ने सरकार पर "होलसेल सरेंडर" और डेटा सुरक्षा से समझौता करने के गंभीर आरोप लगाए, जिस पर रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। रिजिजू ने स्पष्ट कहा कि राहुल गांधी बिना किसी ठोस आधार के प्रधानमंत्री और देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने चुनौती दी कि राहुल गांधी को सदन के पटल पर रखे गए हर आरोप को 'ऑथेंटिकेट' (प्रमाणित) करना होगा। यह बहस व्यक्तिगत आरोपों, बिजनेस घरानों और अंतरराष्ट्रीय फाइलों के जिक्र के कारण काफी आक्रामक रही।

Parliament Budget Session 2026: आरोपों को प्रमाणित करने की चुनौती
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के "देश बेचने" और "होलसेल सरेंडर" वाले बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि संसदीय नियमों के अनुसार, बिना आधार के आरोप नहीं लगाए जा सकते। उन्होंने पीठासीन अधिकारी से मांग की कि राहुल गांधी ने जो भी एलिगेशन लगाए हैं, उन्हें सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनाने से पहले उन्हें प्रमाणित करना होगा। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि कोई "माई का लाल" देश को नहीं बेच सकता और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की संप्रभुता सुरक्षित है।
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Rahul Gandhi wholesale surrender remark: निराधार आरोपों पर सत्तापक्ष की आपत्ति
जब राहुल गांधी ने अडानी, अनिल अंबानी और एपस्टीन फाइल का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा, तो किरेन रिजिजू और रविशंकर प्रसाद ने इसे "गलत बयानी" करार दिया। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी की आदत बन गई है कि वे बिना तथ्यों के हवा में बातें करते हैं। उन्होंने पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल से आग्रह किया कि सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले और बिना सबूत के दिए गए इन बयानों को रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी पर भड़के सुधांशु त्रिवेदी
वहीं राहुल गांधी के आरोप पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि, राहुल गांधी जहरीले झूठ फैलाने और फिर विदेश चले जाने की राजनीति करते हैं। उन्होंने संसद में राहुल के व्यवहार को 'सुस्त' बताते हुए कहा कि सदन में कांग्रेस का आचरण सड़क छाप राजनीति जैसा रहा है, जो संसदीय मर्यादा के बिल्कुल विपरीत है। त्रिवेदी ने पिछले घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए यह भी दावा किया कि सदन में सत्तापक्ष की ओर बढ़ते समय महिलाओं को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया, जो शाहीन बाग की याद दिलाता है।
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राहुल गांधी ने क्या-क्या आरोप लगाए
लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर "होलसेल सरेंडर" का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के हितों को विदेशी ताकतों के हाथों बेच दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अपना महत्वपूर्ण डेटा और कृषि क्षेत्र अमेरिकी फर्म्स के हवाले कर दिया है, जिससे भारतीय किसान संकट में हैं। राहुल ने विवादास्पद 'एपस्टीन फाइल' का जिक्र करते हुए दावा किया कि कुछ बड़े बिजनेसमैन पर क्रिमिनल चार्जेज होने के बावजूद वे जेल से बाहर हैं क्योंकि वे सरकार के करीब हैं।
उन्होंने अडानी समूह को भाजपा का "फाइनेंशियल स्ट्रक्चर" बताते हुए कहा कि पीएम मोदी दबाव में हैं और उनकी आंखों में डर दिखता है। राहुल के अनुसार, सरकार के फैसले अब भारत में नहीं बल्कि अमेरिका में हो रहे हैं।












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